ये आयुर्वेदिक चीजें इम्युनिटी मजबूत करने के साथ आपके मन को भी शांत रखती हैं

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। सर्दी के मौसम में बीमारियों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि अपनी इम्युनिटी मजबूत की जाए। ऐसे में ग्रीन डाइट के साथ कुछ ऐसी जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल करने की जरुरत है, जिससे कि हमारी इम्युनिटी स्ट्रान्ग होने के साथ हम छोटी-मोटी सीजनल बीमारियों से भी जल्दी रिकवर हो सकें। आजकल नेचुरापैथी यानी प्राकृतिक चिकित्सा के बढ़ते प्रचलन के कारण न सिर्फ जड़ी-बूटियों का व्यापक इस्तेमाल हो रहा है, बल्कि इनके इस्तेमाल को लेकर लोगों की जागरूकता भी बढ़ रही है। ये जड़ी-बूटियां अनेक बीमारियां दूर करने में तो सहायक हैं हीं, मानसिक शांति के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी बहुत सी जड़ी-बूटियां हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इनमें से बहुत-सी तो हमारी रसोई में ही मिल जाती हैं।
तुलसी
सर्दी-जुकाम, बुखार, सूखा रोग, निमोनिया, कब्ज, अतिसार जैसी समस्याओं में बहुत उपयोगी औषधि है।
लहसुन
एंटी बैक्टीरियल तत्वों से युक्त है। इसकी एक कली के सेवन से विटामिन ए, बी, सी के साथ आयोडीन, आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पा सकते हैं।
दालचीनी
खान-पान में इस्तेमाल होने पर उसमें उपस्थित वायरस और बैक्टीरिया को नष्ट कर देती है। शोधों में प्रमाणित हुआ है कि जिन खाद्य पदार्थों में दालचीनी का प्रयोग होता है, उनमें 99.9 प्रतिशत तक कीटाणु होने की आशंका खत्म हो जाती है।
लौंग
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ यह एक अच्छी एंटीऑक्सीडेंट और बैक्टीरिया को खत्म करने वाली है।
अदरक
जी मिचलाने, उल्टी, मोशन सिकनेस आदि समस्याओं के समाधान में सहायक है। यह पाचन क्रिया में भी सहायक है।
अश्वगंधा
अश्वगंधा का इस्तेमाल त्वचा के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों में भी लाभकारी है।
ग्रीन टी
यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। इसमें एंटी आक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह कालेस्ट्रॉल नियंत्रित कर हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाव करती है।
सावधानियां:
जड़ी-बूटियां तभी अपना असर दिखाएंगी, जब उनमें किसी तरह की मिलावट न हो। आजकल बाजार में नकली जड़ी-बूटियों की भरमार है, इसलिए आपको सतर्क रहने की जरूरत है। हमेशा विश्वसनीय दुकान से ही जड़ी-बूटी खरीदें। जड़ी-बूटियां निश्चित अनुपात में ही ली जानी चाहिए। एलोवेरा जूस एक चम्मच लेना चाहिए, व्हीट ग्रास और आंवला जूस एक-एक चम्मच पानी के साथ लेना चाहिए, उनका लापरवाही से इस्तेमाल न करें।

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