केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का बेटा आशीष मिश्रा गिरफ्तार, किसानों को कथित रूप से अपनी गाड़ी से कुचल का है आरोप

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समाचार सच, लखनऊ (एजेन्सी)। यूपी के लखीमपुर खीरी में पिछले तीन अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन के लिए जा रहे किसानों को कथित रूप से अपनी गाड़ी से कुचल देने के आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा (40) को पुलिस ने शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आशीष मिश्रा को शनिवार को करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस उप महानिरीक्षक (मुख्यालय) उपेंद्र अग्रवाल ने उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी।

मेडिकल जांच के बाद किया जायेगा अदालत में पेश
आशीष मिश्रा पूर्वान्ह्र लगभग 11 बजे एसआईटी के समक्ष पेश हुए। उनके साथ उनके वकील और लखीमपुर सदर से भाजपा विधायक योगेश वर्मा भी थे। जिले के क्राइम ब्रांच आफिस में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। उनको अभी पूछताछ कक्ष में ही रखा गया है और मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया था।

पूछताछ में आशीष मिश्रा नहीं दे सके सवालों के जवाब- पुलिस सूत्र
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में आशीष मिश्रा सवालों का सटीक जवाब नहीं दे सके, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया। तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी की हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत के मामले में बहराइच जिले के निवासी जगजीत सिंह की ओर से सोमवार को दर्ज कराई गई प्राथमिकी में गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू पर 15-20 अज्ञात लोगों के साथ किसानों के ऊपर जीप चढ़ाने और गोली चलाने का आरोप लगाया गया है।

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आशीष मिश्रा के ऊपर कई धाराओं के तहत मामला है दर्ज
तहरीर के आधार पर सोमवार को आशीष मिश्रा उर्फ मोनू तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (उपद्रव), 148 (घातक अस्त्र का प्रयोग), 149 (भीड़ हिंसा), 279 (सार्वजनिक स्थल से वाहन से मानव जीवन के लिए संकट पैदा करना), 338 (दूसरों के जीवन के लिए संकट पैदा करना), 304 ए (किसी की असावधानी से किसी की मौत होना), 302 (हत्या) और 120 बी (साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आपकों बता दें कि पुलिस उप महानिरीक्षक (मुख्यालय) उपेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व वाली एसआईटी आशीष से रात साढ़े दस बजे तक पूछताछ कर रही थी। मामले में गुरुवार को दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद, पुलिस ने आशीष मिश्रा के घर के बाहर एक नोटिस लगाया था, जिसमें उन्हें एसआईटी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था।

नवजोत सिंह सिद्धू ने समाप्त किया मौन धरना
कांग्रेस की पंजाब इकाई के वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने मंत्री के बेटे के पूछताछ के लिए पेश होने के बाद अपना “मौन धरना” शनिवार को समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्रिपरिषद से अजय मिश्रा को बर्खास्त करने और उनके बेटे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विपक्ष और किसान नेताओं ने शनिवार को भी सत्तारूढ़ भाजपा पर दबाव बनाए रखा। नवजोत सिंह सिद्धू ने निघासन तहसील में स्थानीय पत्रकार राम कश्यप के घर के बाहर शुक्रवार शाम छह बजकर 15 मिनट से अपना “मौन धरना” शुरू किया था। कश्यप की तीन अक्टूबर की घटना में मौत हो गई थी। सिद्धू ने बाद में पत्रकारों से कहा कि यह सत्य की जीत है। कोई व्यक्ति राजा हो सकता है, लेकिन न्याय से बड़ा कोई नहीं है। न्याय है तो शासन है, और यदि न्याय नहीं है, कुशासन है। यह किसानों के परिवारों, लवप्रीत सिंह के परिवार और रमन कश्यप के परिवार की जीत है। मारे गए चार किसानों में लखीमपुर के पलिया गांव के लवप्रीत सिंह भी शामिल है।

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प्रियंका गांधी का ट्वीट- मंत्री की बर्खास्तगी और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के बिना न्याय मिलना असंभव
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले में शनिवार को ट्वीट किया है कि पीड़ित किसान परिवारों की एक ही मांग है, उन्हें न्याय मिले। उन्होंने कहा कि मंत्री की बर्खास्तगी और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के बिना न्याय मिलना असंभव है। सरकार आरोपी को हाजिर होने का निमंत्रण भेजकर क्या संदेश देना चाहती है। सरकार दोषियों को संरक्षण नहीं, सजा दे।

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप- समन भेजने के बजाय दे रहे ‘फूलों का गुलदस्ता’
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार लखीमपुर हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के आरोपी बेटे आशीष मिश्रा को समन भेजने के बजाय ‘फूलों का गुलदस्ता’ दे रही है। यादव ने लखनऊ में पत्रकारों से कहा कि जिस तरह से पहले किसानों को कुचला गया, अब कानून को कुचलने की तैयारी चल रही है। आपने देखा होगा कि कैसे एक वाहन ने किसानों को कुचल दिया, जो अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे थे। दोषी व्यक्ति अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। उन्हें समन देने के बजाय, फूलों का गुलदस्ता दिया जा रहा है। समन केवल नाम में है, वास्तव में ‘सम्मान’ दिया जाता है।

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11 को शहीद किसान यात्रा, 18 को देश भर में रेल रोको आंदोलन तथा 26 को लखनऊ में महापंचायत
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता योगेंद्र यादव ने दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अजय मिश्रा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए और उन्हें हत्या और साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया जाना चाहिए। किसान नेता ने आरोप लगाया, “वह मामले में दोषियों को भी बचा रहे हैं। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने आरोप लगाया कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत हिंसा की गई। किसान संघों ने कहा कि अगर सरकार 11 अक्टूबर तक उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे मारे गए किसानों की अस्थियों को लेकर लखीमपुर खीरी से ‘शहीद किसान यात्रा’ निकालेंगे। एसकेएम ने 18 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक देश भर में ‘रेल रोको’ आंदोलन और 26 अक्टूबर को लखनऊ में ‘महापंचायत’ करने का आह्वान किया।

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