उत्तराखण्ड : 70 विधानसभा सीटों में मतदान आज, 82 लाख 66 हजार 644 मतदाता करेंगे 632 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला

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रिपोर्टर- अजय चौहान
समाचार सच, देहरादून।
उत्तराखण्ड में 14 फरवरी सोमवार को विधानसभा चुनाव में एक चरण में सभी 70 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। जिसकी रविवार की शाम तक सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गयी थी। सुबह 8 बजे से शाम छह बजे तक मतदान जारी रहेगा।

राज्य में कुल 82 लाख 66 हजार 644 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इनमें 42 लाख 38 हजार 890 पुरूष तथा 39 लाख 32 हजार 995 महिला मतदाता हैं। जबकि अन्य 288 मतदाता है। इसके अलावा 94471 सर्विस वोटर हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार राज्य में कुल 93 हजार 964 हैं सर्विस वोटर हैं जबकि 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए राज्य में कुल 11 हजार 697 पोलिंग बूथ और माइग्रेट बूथ 24 बनाए गए हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार राज्य में पोलिंग बूथ की संख्या पिछली बार के मुकाबले बढ़ायी गयी है।

जिलों के अनुसार देहरादून में 117, हरिद्वार 110, उधमसिंह नगर 72, नैनीताल 63, अल्मोड़ा 50, पौड़ी 47, टिहरी 38, चमोली 31, पिथौरागढ़ 28, रुद्रप्रयाग 25, उत्तराकाशी 23, बागेश्वर तथा चम्पावत में 14-14 प्रत्याशी चुनाव मैदान उतरे हैं।

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आपकों बता दें कि अब तक प्रदेश में 43,048 मतदाता पहले ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं। इसमें सर्विस वोटर, निर्वाचन कर्मी और घर से मतदान करने वाले मतदाता शामिल है। निर्वाचन आयोग ने इस श्रेणी में कुल 1,57,216 मतपत्र जारी किए थे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को पोस्टल बैलेट जारी किए थे यदि उन्होंने पोस्टल बैलेट से मतदान नहीं किया है तो अब वो बूथ पर वोट नहीं दे पाएंगे।

वहीं माना जा रहा है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है, लेकिन कई सीटों पर आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल और निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना सकती है।

आपकों बता दें कि 2017 में भाजपा ने 70 विधानसभा सीटों में से 56 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि कांग्रेस को केवल 11 सीटों पर विजय मिली थी। इस चुनाव में बीजेपी का वोट प्रतिशत 46.5 फीसदी रहा था, जबकि कांग्रेस को 33.5 फीसदी वोट मिले थे। वहीं इस बार आम आदमी पार्टी के आने से मुकाबला कड़ा होना बताया जा रहा है। हालांकि मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के बीच माना जा रहा है। उत्तराखंड के गठन के बाद से ही यहां पर 5-5 साल के लिए बीजेपी और कांग्रेस की सरकार बनती रही है।
रोजगार, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य हैं सियासी मुद्दे

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वहीं इस बार उत्तराखंड के चुनाव में भ्रष्टाचार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर खास नजर हैं। उत्तराखंड स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में अभी काफी पिछड़ा है। वहीं शिक्षा का मुद्दा भी युवा पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण है। कोरोना के चलते रोजगार में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस वजह से युवाओं के लिए रोजगार इस बार यह मुद्दा है।

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