समाचार सच, हल्द्वानी। गौला संघर्ष समिति के पदाधिकारियों द्वारा स्टोन क्रेशर स्वामियों के खिलाफ भेजे वीडियो झूठे निकले हैं। शुक्रवार को कुछ स्टोन क्रेशरों पर अधिकारियों के समक्ष उक्त लोगों ने खुद स्वीकार किया है कि उनके द्वारा भेज अवैध वीडियो झूठे थे।
कुमाऊं स्टोन क्रेशर्स एसोसिएशन (Kumaon Stone Crushers Association) का आरोप है कि गौला संघर्ष समिति के पदाधिकारियों द्वारा आंदोलन की आड़ में क्रेशरों पर बलपूर्वक प्रवेश कर उनके स्टाफ एवं मालिकों को भयभीत किया जाता है। साथ ही उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर शासन प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है। यहां आयोजित एसोसिएशन की बैठक में स्टोन क्रेशर स्वामियों ने शासन प्रशासन को गुमराह करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह लोग क्रेशर के डक पर चढ़ कर वहां से झूठे वीडियो बनाये जाते हैं। जबकि डक की ऊचांई 6 से 7 मीटर होती है। भरे हुए उपखनिज के वाहनों को बलपूर्वक खाली कराया जाता है और बाहर से आये हुए उपभोक्ताओं को बलपूर्वक धमकाकर प्रदेश में न आने को कहा जा रहा है। क्रेशरों स्वामियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि आन्दोलन के नाम पर उनसे अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने कहा कि इनके इन कृत्यों से उनका उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच रहा है और पांच हजार कर्मचारियों का परिवार रोजगार के लिए संकट में है।
इधर स्टोन क्रेशरों ने बताया है कि आज कुछ स्टोन क्रेशरों पर अधिकारियों के समक्ष पर उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उनके द्वारा भेजे अवैध वीडियो झूठे थे। साथ ही एसोसिएशन के बैनर तले समस्त स्टोन क्रेशरों के स्वामियों ने एसएसपी तथा एसडीएम से पत्र के माध्यम से अपनी तथा अपने स्टोन क्रेशर स्टाफ की सुरक्षा की मांग की है।
बैठक में अभिषेक अग्रवाल, चरनजीत सिंह सेठी, खीमानंद सनवाल, बसंत जोशी, सुनील तलवार, अजय अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, विवेक मिश्रा, बीआर शर्मा, विवेक अग्रवाल, जगदीश पिमोहनी, बीआर शर्मा, गोपाल पाल, तरूण बंसल आदि एसोसिएशन के पदाधिकारी व स्टोन क्रेशर स्वामी मौजूद रहे।



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



