सुल्तान नगरी के ग्रामीणों ने मालिकाना हक को लेकर मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, भेजा ज्ञापन

Ad
खबर शेयर करें

समाचार सच, हल्द्वानी। गौलापार पूर्वी खेड़ा सुल्तान नगरी के ग्रामीणों ने मालिकाना हक को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगायी है। शनिवार को डॉ0 भीमराव अंबेडकर भूमिहीन मजदूर समिति के बैनर तले समस्त ग्रामीणों ने एसडीएम कोर्ट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है। आपको बता दें कि समिति द्वारा तीन दिवसीय धरने आहवान पर भारी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीण तिकोनिया स्थित बुधपार्क में बैठे थे। आज शनिवार को धरने के अंतिम दिन था।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार सुल्तान नगरी के भारी संख्या में महिला व पुरूष यहां शनिवार को भी सुबह से यहां बुद्धपार्क में बैठे थे। दोपहर बाद धरना कार्यक्रम के संचालक एवं पूर्व क्षेत्र पंचायत अर्जुन सिंह बिष्ट एवं ग्राम प्रधान लीला बिष्ट के नेतृत्व में सभी प्रदर्शनकारी उपजिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचे। जहां उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
इस मौके पर पूर्व बीडीसी मेम्बर का कहना है कि ग्राम सभा खेड़ा में राजस्व गांव से लगा सुल्ताननगरी गांव लगभग 70 वर्षों से बसा हुआ है। पूर्ववर्ती सरकार ने यहां के लोगों को पट्टे आवंटित करने के साथ ही उन्हें मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई। साथ ही यहां के लोगों को मताधिकार का अधिकार भी दिया गया। लेकिन इस गांव के निवासियों को वर्ष 2014 से पंचायत चुनाव में मतदान से वंचित रखा गया है। जिसके चलते यहां के लोगों का स्थायी निवास प्रमाण पत्र समेत अन्य छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा लोगों को स्वरोजगार अपनाने के लिए बैंकों से भी ऋण उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान द्वारा चाहते हुए भी इन सभी ग्रामीणों की छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से सुल्तान नगरी गांव को राजस्व गांव से जोड़ते हुए यहां के वाशिंदों को मालिकाना हक दिलवाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में संरक्षक मोहन सिंह बिष्ट, संयोजक बची सिंह कपकोटी, उपाध्यक्ष चंद्र राम, कोषाध्यक्ष चन्दन राम, ग्राम प्रधान हीरा सिंह बिष्ट, लच्छी राम, हंसी देवी, बलवंत सिंह, कुनाल बोरा, मोहन चंद्र, पूरन राम, नंद किशोर, हरीश राम, ललित, तरूण आर्या, मोहन सिंह बिष्ट, बच्ची सिंह कपकोटी, लीला देवी, हीरा सिंह, चंदन रात, हंसी देवी, लच्छी राम, उमा देवी, निश देवी, शोभा बोरा, उमा मेहरा, हंसी जोशी, भगवती बिष्ट, बिमला बिष्ट, गंगा बिष्ट, उमा देवी, उर्मिला मौर्या, दुर्गा भंडारी, जानकी देवी, हिमानी पलड़िया, मंजू देवी, दुर्गा देवी, शान्ति देवी, कमलेश देवी, जानकी देवी, धनुली देवी, दीपा देवी, सोमवती, लीला देवी समेत भारी संख्या में गांववासी शामिल थे।

Ad
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *