क्या होता है स्ट्रांग रूम? कौन खोलता है ताला, कितने लोग जा सकते हैं अंदर और कैसे होती है गिनती, जानें…

खबर शेयर करें

समाचार सच, दिल्ली। कुछ घंटे बाद ही लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आएंगे। मतगणना 4 जून को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी। उसके बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। इस बीच काउंटिंग, स्ट्रांग रूम समेत कुछ ऐसे अहम सवाल है, जिसका जवाब जनता जानना चाहती है।

क्या होता है स्ट्रांग रूम?
स्ट्रांग रूम वह रूम होता है, जहां पर वोटिंग के बाद ईवीएम को रखा जाता है। स्ट्रांग रूम को काफी सुरक्षित रखा जाता है और अक्सर यह जिले के सरकारी कॉलेज में बना होता है। वोटिंग के बाद से ही यह रूम पूरी तरह से कैमरे की निगरानी में होता है।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंड विधानसभा उपचुनावः भाजपा ने बदरीनाथ से राजेंद्र भंडारी और मंगलौर से करतार सिंह को बनाया प्रत्याशी

कौन खोलता है स्ट्रांग रूम का ताला?
जिस दिन मतगणना होती है उस दिन सुबह 7 के आसपास स्ट्रांग रूम का ताला खोला जाता है। जब इसका ताला खोला जाता है, उस दौरान रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव आयोग के ऑब्जर्वर भी वहां मौजूद रहते हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाती है। ताला खोलने के समय हर एक उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि मौजूद होते हैं। ईवीएम की कंट्रोल यूनिट काउंटिंग की टेबल पर रखी जाती है।

इसके बाद प्रत्येक कंट्रोल यूनिट की यूनिक आईडी और सील का मिलान किया जाता है और उसे पोलिंग एजेंट को भी दिखाया जाता है। अगर किसी उम्मीदवार के एजेंट को आपत्ति नहीं होती, उसके बाद प्रक्रिया शुरू होती है।

काउंटिंग सेंटर पर कितने लोग होते हैं?
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार मतगणना स्थल के हर एक हॉल में लगे टेबल पर उम्मीदवार की ओर से एक एजेंट मौजूद होता है। किसी एक हॉल में 15 से अधिक एजेंट नहीं होते हैं। एजेंट का चयन उम्मीदवार की ओर से किया जाता है और जिला निर्वाचन अधिकारी को उसका नाम, फोटो और अन्य जानकारी शेयर की जाती है।

यह भी पढ़ें -   कुछ सावधानियां बरती जाएं तो लू लगने से बचा जा सकता है

काउंटिंग सेंटर के अंदर कौन जा सकता?
काउंटिंग सेंटर के अंदर मतगणना कर्मचारी, रिटर्निंग ऑफिसर, सुरक्षा कर्मी और एजेंट ही जा सकते हैं। जब तक वोटों की गिनती पूरी नहीं हो जाती तब तक किसी भी एजेंट को बाहर आने की इजाजत भी नहीं होती है। इसके अलावा किसी को अंदर मोबाइल ले जाने की इजाजत भी नहीं होती है। यदि किसी एजेंट को वोटिंग के दौरान गड़बड़ी की आशंका होती है तो वह रिकाउंटिंग की मांग कर सकता है।

काउंटिंग के बाद ईवीएम का क्या होता है?
काउंटिंग पूरी होने के बाद ईवीएम दोबारा स्ट्रांग रूम में रख दी जाती है। काउंटिंग के 45 दिनों तक ईवीएम को स्ट्रांग में रूम में रखना होता है। इसके बाद इसे दूसरे स्टोर में शिफ्ट कर दिया जाता है।

Ad Ad Ad Ad Ad
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440