शास्त्रों में सोने का सही तरीका क्या है आइए जानते हैं सोते वक्त किस दिशा में रखना चाहिए सिर और क्यों?

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What is the right way to sleep according to the scriptures, let us know in which direction the head should be kept while sleeping and why?

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार, योग-ध्यान के साथ-साथ नियमित दिनचर्या भी जरूरी है। दिनचर्या में सही वक्त पर नींद लेना भी शामिल है। शास्त्रों में इस बारे में बताया गया है कि सोने का सही तरीका क्या होना चाहिए।

दक्षिण दिशा की ओर सिर रखने के फायदे
दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना बेहतर माना गया है। ऐसी स्थिति में स्वाभाविक तौर पर पैर उत्तर दिशा में रहेगा। शास्त्रों के साथ-साथ प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, सेहत के लिहाज से इस तरह सोने का निर्देश दिया गया है। यह मान्यता भी वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है।

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उत्तर की ओर क्यों न रखें सिर?
दरअसल, पृथ्वी में चुम्बकीय शक्ति होती है। इसमें दक्षिण से उत्तर की ओर लगातार चुंबकीय धारा प्रवाहित होती रहती है। जब हम दक्षिण की ओर सिर करके सोते हैं, तो यह ऊर्जा हमारे सिर ओर से प्रवेश करती है और पैरों की ओर से बाहर निकल जाती है। ऐसे में सुबह जगने पर लोगों को ताजगी और स्फूर्ति महसूस होती है।

अगर इसके विपरीत करें सिर
इसके विपरीत, दक्षिण की ओर पैर करके सोने पर चुम्बकीय धारा पैरों से प्रवेश करेगी है और सिर तक पहुंचेगी। इस चुंबकीय ऊर्जा से मानसिक तनाव बढ़ता है और सवेरे जगने पर मन भारी-भारी रहता है।

पूरब की ओर भी रख सकते हैं सिर
दूसरी स्थिति यह हो सकती है कि सिर पूरब और पैर पश्चिम दिशा की ओर रखा जाए। कुछ मान्यताओं के अनुसार इस स्थिति को बेहतर बताया गया है। दरअसल, सूरज पूरब की ओर से निकलता है। सनातन धर्म में सूर्य को जीवनदाता और देवता माना गया है। ऐसे में सूर्य के निकलने की दिशा में पैर करना उचित नहीं माना जा सकता। इस वजह से पूरब की ओर सिर रखा जा सकता है।

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सोने से जुड़े कुछ जरूरी निर्देश…
–शास्त्रों में संध्या के वक्त, खासकर गोधूलि बेला में सोने की मनाही है।
–सोने से करीब 2 घंटे पहले ही भोजन कर लेना चाहिए। सोने से ठीक पहले कभी भी भोजन नहीं करना चाहिए।
–अगर बहुत जरूरी काम न हो तो रात में देर तक नहीं जागना चाहिए।
–जहां तक संभव हो, सोने से पहले चित्त शांत रखने की कोशिश करनी चाहिए।
–सोने से पहले प्रभु का स्मरण करना चाहिए और इस अनमोल जीवन के लिए उनके प्रति आभार जताना चाहिए।

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