नवरात्रि में मां दुर्गा को क्यों चढ़ाया जाता है लाल रंग? जानिए धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। नवरात्रि का पर्व नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना का विशेष समय माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त माता रानी को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह की पूजा सामग्री अर्पित करते हैं, जिनमें लाल रंग की वस्तुओं का खास महत्व होता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आखिर पूजा में लाल रंग का उपयोग क्यों किया जाता है।

  • ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार लाल रंग मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय है। यह रंग शक्ति, ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान मां को लाल फूल, लाल चुनरी और लाल वस्त्र अर्पित करने से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही भक्तों को भी इन दिनों लाल रंग के वस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • पूजा के दौरान माता की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाना शुभ माना जाता है। यह समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक होता है। मान्यता है कि लाल रंग न केवल मनोबल बढ़ाता है, बल्कि व्यक्ति की कार्यक्षमता में भी वृद्धि करता है।
  • घर के मुख्य द्वार पर पूजा से पहले रोली से स्वस्तिक बनाना भी बेहद शुभ माना जाता है। यह प्रतीक सूर्य और शुक्र ग्रह से जुड़ा होता है, जो जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता लाने में सहायक माने जाते हैं।
  • नवरात्रि में मां का विशेष श्रृंगार करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। भक्त यदि सच्चे मन से पूजा करें और लाल वस्त्र धारण करें, तो मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा, इन नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाने का भी विशेष महत्व है, लेकिन इसका संकल्प लेने के बाद इसे लगातार जलाए रखना आवश्यक होता है।
  • माता को प्रसन्न करने के लिए पूजा के पश्चात दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति दुर्गा सप्तशती का पाठ नहीं कर सकता, तो ‘घ् ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे’ मंत्र की कम से कम एक माला का जाप अवश्य करना चाहिए।
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नवरात्रि में क्या न करें
नवरात्रि को अत्यंत पवित्र समय माना गया है। इस दौरान मांस, शराब, लहसुन और प्याज का सेवन वर्जित होता है। व्रत रखने वाले भक्तों को अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि घर में कलश स्थापना या अखंड ज्योति की स्थापना की गई है, तो इन दिनों घर को खाली छोड़कर बाहर नहीं जाना चाहिए। विष्णु पुराण के अनुसार नवरात्रि के दौरान दिन में सोना भी वर्जित माना गया है।

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