शादी में जा रहे युवक सड़क हादसे के शिकार, मौत

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समाचार सच, नैनीताल। शादी समारोह में जा रहे हल्द्वानी के तीन युवकों की कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी जिसमें तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भवाली-ज्योलीकोट मार्ग के भूमियाधार के निकट सेनिटोरियम मस्जिद से लगभग सौ मीटर आगे मोड़ पर शुक्रवार की प्रातः ग्रामीणों को कार संख्या यूए 04ई- 3330 खाई में गिरी हुई नजर आई। सूचना मिलने पर तल्लीताल थानाध्यक्ष विजय मेहता ने शीघ्र एसडीआरएफ टीम के साथ मौके पर पहुंच घटनास्थल का मुआयना किया तो देखा कि तीन युवकों के शव खाई में पड़े हुए हैं जबकि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। टीम ने रेस्क्यू कर तीनों शवों को खाई से निकाला और उनकी शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए। संभावना जताई जा रही है कि कार देर रात दुर्घटनाग्रस्त हुई होगी। मृतकों की पहचान हल्दूचौड़ जग्गी-डी क्लास निवासी 26 वर्षीय गिरीश जोशी पुत्र हरीश चंद्र जोशी, कुसुमखेड़ा हल्द्वानी निवासी 29 वर्षीय गणेश पांडे पुत्र जयकृष्ण पांडे व 21 वर्षीय परमेश कांडपाल उम्र 21 वर्ष के रूप में हुई है। तीनों युवक 18 नवंबर को कार से अल्मोड़ा में रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने गए थे। उन्हें 19 नवम्बर शाम वापस लौटना था, लेकिन देर रात न लौटने पर परिवारजनों के संपर्क स्थापित करने पर फोन स्विच ऑफ मिले। इससे परिवारजनों को उनके अनिष्ट की आशंका सता रही थी। इसके बाद उनकी ढूंढ-खोज की गई, लेकिन शुक्रवार को तीनों की मौत की खबर परिवारजनों को मिली तो कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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हादसे के हो सकते हैं अनेक कारण
हल्द्वानी।
पहाडों में सड़क दुर्घटना के अनेक कारण हो सकते हैं। मसलन वाहन तेज चलाना, नशे में वाहन चलाना, मोड़ों पर कार तेजी से चलाना, रात के समय वाहन सावधानी से वाहन न चलाना, सड़क में गड्ढे या अन्य कारणों से भी दुर्घटना हो सकती है। इसके अलावा कभी-कभी स्टेंयरिंग के जाम हो जाने के कारण भी वाहन हादसे का शिकार हो जाते हैं। अक्सर वाहन तेज गति से चलते हैं और उनको चेकिंग करने वालों की भी कमी रहती है। इसके अलावा मोबाइल पर बात करते हुए भी गाड़ी चलाने से इस प्रकार के हादसे होने की संभावना बनी रहती हैं। हालाकि आरटीओ और पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान चलाने का दावा तो किया जाता है लेकिन हादसों पर नियंत्रण न लगने से व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े होते हैं।

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