गौलापार स्टेडियम में ईवीसीएल क्रिकेट लीग के नाम पर 32 लाख की ठगी, एसएसपी नैनीताल ने किया बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा

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समाचार सच, हल्द्वानी डेस्क। गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित ईवीसीएल (एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग) के नाम पर की गई बड़ी धोखाधड़ी का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में लीग के आयोजक विकास ढाका पर टीम फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप है।

पीड़ित हेमंत शर्मा पुत्र रमेश चंद्र शर्मा, निवासी लालसिंह कॉलोनी, झज्जर (हरियाणा) तथा नारायण पाल, पूर्व विधायक सितारगंज निवासी अंबिका विहार द्वारा थाना काठगोदाम में तहरीर दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि विकास ढाका ने ईवीसीएल क्रिकेट लीग में टीम दिलाने के नाम पर हेमंत शर्मा से 23 लाख रुपये तथा नारायण पाल से 9 लाख रुपये की ठगी की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस टीम गठित कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण एवं थानाध्यक्ष काठगोदाम विमल मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी विकास ढाका को दिनांक 06 फरवरी 2026 को मल्ला काठगोदाम से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही आरोपी से जुड़े दो बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है।

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पुलिस जांच में सामने आया कि विकास ढाका ने टीम मालिकों को लीग में हरभजन सिंह, इरफान पठान, प्रवीण कुमार, मनप्रीत गोनी सहित कई अंतरराष्ट्रीय एवं रणजी खिलाड़ियों के प्रतिभाग की झूठी जानकारी दी थी। हेमंत शर्मा से यूपी वॉरियर्स नामक टीम की फ्रेंचाइजी 50 लाख रुपये बताकर कथित तौर पर 30 लाख में सौदा तय किया गया, जिसमें से 23 लाख रुपये विभिन्न माध्यमों से वसूल लिए गए।

वहीं, नारायण पाल से उत्तराखंड सोल्जर्स टीम के नाम पर 50 लाख की फ्रेंचाइजी बताकर 10 लाख रुपये में सौदा किया गया। नारायण पाल द्वारा 3 लाख रुपये नकद तथा हल्द्वानी नगर में प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिंग्स आदि पर कुल 9 लाख रुपये खर्च किए गए।

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टूर्नामेंट की शुरुआत 1 फरवरी तय की गई थी, लेकिन तय तिथि बीतने के बावजूद लीग शुरू नहीं हुई। पूछताछ करने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में जब कथित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संपर्क किया गया तो पता चला कि उन्हें इस आयोजन की कोई जानकारी ही नहीं थी। न तो लीग का लोगो, ड्रेस और न ही अन्य प्रचार सामग्री तैयार की गई थी।

पुलिस ने इसे पूर्व नियोजित धोखाधड़ी मानते हुए आरोपी के खिलाफ थाना काठगोदाम में अभियोग पंजीकृत कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त विकास ढाका पुत्र यशवीर सिंह ढाका, निवासी नोएडा (उत्तर प्रदेश) बताया गया है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक दिलीप सिंह, नीतू तथा कांस्टेबल करतार सिंह शामिल रहे।

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