सुबह-सुबह कांपी पहाड़ों की धरती! उत्तराखंड के बागेश्वर में भूकंप से दहशत

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समाचार सच, बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में बुधवार सुबह अचानक धरती हिल उठी। सुबह 7 बजकर 48 मिनट पर आए भूकंप के झटकों से कुछ पल के लिए लोगों में हलचल मच गई। नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था।

भूकंप के समय ज्यादातर लोग अपने रोजमर्रा के कामों में लगे हुए थे, ऐसे में कई लोगों को झटकों का एहसास तक नहीं हुआ। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की कंपन महसूस की गई, जिससे लोग सतर्क जरूर हो गए। बागेश्वर जिला राजधानी देहरादून से करीब 196 किलोमीटर दूर स्थित है।

गौर करने वाली बात यह है कि साल 2026 का पहला भूकंप भी बागेश्वर में ही दर्ज किया गया था। 13 जनवरी को सुबह 7.25 बजे यहां 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद 27 जनवरी को उत्तरकाशी जिले में भी धरती डोली थी।

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आज सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में भूकंप की गतिविधियां दर्ज की गईं। उत्तर प्रदेश के गोंडा और सिक्किम के नामची, मंगन, गंगटोक और ग्यालशिंग में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। खासकर मंगन में सुबह से अब तक 7 बार धरती कांप चुकी है, जबकि नामची में 4 झटके दर्ज किए गए हैं।

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भूकंप का असर भारत तक ही सीमित नहीं रहा। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार पड़ोसी देशों चीन, नेपाल, म्यांमार, भूटान और तिब्बत में भी भूकंप के झटके महसूस हुए। म्यांमार में 4.9 और तिब्बत में 4.5 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया।

फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लगातार आ रही भूकंपीय गतिविधियों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

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