उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के 20 वर्ष पूर्ण, शोध और प्रगति पर केंद्रित त्रिदिवसीय समारोह

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समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय समारोह “स्वर्णिम सफलता के 20 वर्षरू स्वतंत्रता एवं प्रगति” का आयोजन शुरू किया है। यह कार्यक्रम 14 अगस्त 2025 से शुरू हुआ, जिसमें शोध, शिक्षा और नवाचार पर विशेष जोर दिया गया।

पहले सत्र में प्रो. गिरिजा पाण्डे ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय ने शोध निदेशालय की स्थापना के साथ यह लक्ष्य रखा था कि यह उत्तराखंड और देश की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला एक अग्रणी संस्थान बने। मुख्य वक्ता चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. जमाल सिद्दीकी ने शोध की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि शोध के दौरान समस्या को गहराई से समझना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि गूगल सर्च पर निर्भरता के बजाय पुस्तकों और विश्वसनीय स्रोतों का उपयोग शोध को अधिक प्रामाणिक बनाता है। साथ ही, उन्होंने शोधार्थियों को मेरठ विश्वविद्यालय की इ-लाइब्रेरी का उपयोग करने का तरीका भी प्रदर्शित किया।

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मुख्य अतिथि कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने कहा कि शोध कार्य अपनी जड़ों से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने चाणक्य के हवाले से बताया कि एक विकसित राष्ट्र के लिए मजबूत नेतृत्व, कुशल कूटनीति, सशक्त सेना, मजबूत अर्थव्यवस्था, सही शिक्षा और ठोस ढांचा आवश्यक है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने शोधार्थियों को नया ज्ञान प्राप्त करने के लिए खुले दिमाग और समर्पण की भावना रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक शोधार्थी को निष्पक्ष और तटस्थ रहना चाहिए, और कॉपी-पेस्ट के बजाय मूल विचारों और अनुभवों पर आधारित शोध को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक अच्छा शोधार्थी पहले अच्छा श्रोता होना चाहिए और अपने विरोधियों की बातों को भी गंभीरता से लेना चाहिए। सत्र का समापन डॉ. मनमोहन जोशी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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कार्यक्रम के दूसरे सत्र में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के शोधार्थियों द्वारा अपने शोधपत्र प्रस्तुत किये गए। इस कार्यक्रम में बी बी सी रेडियो (हिंदी) के पूर्व एडिटर प्रो. राजेश जोशी, एम. बी. पी जी कॉलेज में प्राणि विज्ञान के प्रोफ़ेसर डॉ. चंद्र सिंह नेगी विषय विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए।

धन्यवाद ज्ञापन प्रो. गिरिजा पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सोमेश कुमार, वित्त नियंत्रक एस पी सिंह विविध विद्याशाखाओं के निदेशकगण, विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी, विश्वविद्यालय के शोधार्थी उपस्थित रहे।

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