24 फरवरी शनिवार को है माघ पूर्णिमा, जानें स्नान मुहूर्त, चंद्रमा पूजा समय, दान की वस्तुएं

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। इस समय माघ माह का शुक्ल पक्ष चल रहा है। पूर्णिमा तिथि के दिन माघ पूर्णिमा होगी और उस दिन इस महीने की समाप्ति होगी। इस बार माघ पूर्णिमा की तिथि दो दिन है। इस वजह से लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि माघ पूर्णिमा किस दिन है, शुक्रवार या शनिवार को? माघ पूर्णिमा की सही तारीख और दिन जानने के लिए पंचांग की मदद लेनी होगी। काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि किस दिन माघ पूर्णिमा है? माघ पूर्णिमा का स्नान और दान मुहूर्त क्या है? माघ पूर्णिमा पर चंद्रमा की पूजा का समय क्या है?

माघ पूर्णिमा 2024 शुक्रवार या शनिवार?

  • हिंदू कैलेंडर के अनुसार, देखा जाए तो जब पूर्णिमा तिथि में सूर्याेदय होगा, उस समय पूर्णिमा तिथि मान्य होगी। पंचांग के अनुसार, इस बार 23 फरवरी को दोपहर 03.33 पीएम से माघ पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी और 24 फरवरी को शाम 05.59 पीएम पर इस तिथि का समापन होगा।
  • 24 फरवरी शनिवार को माघ पूर्णिमा है. उस दिन माघ पूर्णिमा का स्नान और दान होगा। उससे एक दिन पूर्व यानी 23 फरवरी शुक्रवार को माघ पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा क्योंकि उस दिन पूर्णिमा का चांद निकलेगा। 24 फरवरी को माघ पूर्णिमा तिथि शाम को करीब 6 बजे खत्म हो जाएगी और चंद्रोदय फाल्गुन के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि में होगा।

माघ पूर्णिमा का स्नान-दान मुहूर्त क्या है?
माघ पूर्णिमा वाले दिन स्नान और दान ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हो जाएगा। उस दिन ब्रह्म मुहूर्त 05.11 बजे से 06.02 बजे तक है।

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माघ पूर्णिमा पर क्या दान करें?
माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नान के बाद आपको चंद्रमा से जुड़ी वस्तुओं का दान करना लाभदायक रहेगा। उस दिन आप चावल, सफेद कपड़े, सफेद फूल, मोती, चांदी के सिक्के, चांदी, दूध, शक्कर, खीर आदि का दान कर सकते हैं।

माघ पूर्णिमा व्रत के दिन चंद्रमा पूजा का समय?
माघ पूर्णिमा का व्रत 23 फरवरी को है और उस दिन चंद्रोदय शाम 05 बजकर 17 मिनट पर होगा। ऐसे में जो लोग माघ पूर्णिमा व्रत रखेंगे, वे शाम को 05.17 बजे के बाद कभी चंद्रमा की पूजा कर सकते हैं। चंद्रमा की पूजा आपको सफेद फूल, दूध, अक्षत, सफेद चंदन आदि से करना चाहिए। चंद्रमा को बताशे या फिर दूध, चीनी और चावल से बनी खीर का भोग लगाना चाहिए।

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