हनुमानजी का ध्यान मिलेंगे चारों फल

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। अच्छे स्वास्थ्य के लिए योग का महत्व सभी जानते हैं। नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ आकर्षक व्यक्तित्व भी प्राप्त होता है। अष्टांग योग में प्राणायाम और ध्यान का काफी महत्व बताया गया है। प्राणायाम और ध्यान एक साथ करने से इसके आश्चर्यजनक परिणाम प्राप्त होते हैं। कुछ ही दिनों में आपके व्यक्तित्व में सभी को लुभाने वाला निखार आ जाएगा। प्राणायाम के साथ हनुमानजी का ध्यान करने से स्वास्थ्य लाभ के साथ ही धर्म लाभ भी मिलता है। प्राणायाम के लिए किसी शांत, साफ और स्वच्छ वातावरण वाले स्थान का चयन करें। अब किसी भी सुविधाजनक आसन में बैठकर प्राणायाम का अभ्यास प्रारंभ करें। सांस लेते और छोड़ते समय हनुमान चालिसा का पाठ करें। सबसे पहले हनुमान चालिसा का पहला दोहा- श्री गुरुचरन सरोजरज। निज मनु मुकुरु सुधारी।। बरनऊँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। इन पंक्तियों का जप करें। इन पंक्तियों का अर्थ है कि हम हमारे गुरु के चरणों की रज से मन रूपी दर्पण को साफ करते हैं और भगवान के यश का गान करते हैं। इस भाव से इन पंक्तियों का जप करने से भक्त को हनुमानजी चारों फल प्रदान करते हैं। चारों फलों का मतलब है अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष।

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