समाचार सच, देहरादून। भाजपा ने कहा कि हर घपले कि जड़ मे कांग्रेस के कारनामे सामने आने के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत भी कंफ्यूज हो गए है और कांग्रेस को भी नही सूझ रहा है कि क्या करना है, इसलिए उसने दुष्प्रचार को अपनी नीति का हिस्सा बना लिया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विगत दिवस कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पूर्व सीएम हरीश रावत की तबीयत खराब होने पर चिंता जताते हुए उनसे राजनैतिक गतिविधियों से आराम लेने की अपील की है।
हालांकि उन्होंने हरदा को याद भी दिलाया कि समय रहते सत्ता में हमेशा नियुक्ति तंत्र में भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया। ऐसे में आज उम्र के इस पड़ाव में उनका इस मुद्दे पर जान तक देने की बात सियासी आडंबर हो सकता है।उन्होंने नकल कानून पर सवाल उठाने को काँग्रेस की दोहरी मानसिकता बताया है।
मीडिया से बात करते हुए महेंद्र भट्ट ने नकल कानून पर कांग्रेस की आपत्ति का जबाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पहले नकल के खिलाफ कानून की बात कहती रही और अब उस पर सवाल उठा रही है यह उसकी दोहरी मानसिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश रावत समेत काँग्रेस सरकारों का इतिहास पटवारी, दरोगा, बीडीओ सहित अनेकों भर्ती घोटालों से पटा पड़ा है और वर्तमान समय में जांच के घेरे में आयी अधिकांश परीक्षाएं कांग्रेस शासनकाल की हैं । लेकिन तमाम घपले घोटालों को अंजाम देने के बावजूद कांग्रेस नेता ईमानदारी पर प्रवचन दे रहे हैं। जो पुलिस मुख्यालय व अन्य स्थानों पर तमाशा कर रहे हैं उन्हे कैमरे पर दुनिया ने भ्रष्टाचारियों के सामने नतमस्तक होते देखा है। यहाँ तक कि नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों पर जानबूझकर कर आंखें मूंदी और आज ऐतिहासिक कार्यवाही के बावजूद घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। पूर्व सीएम आज छात्र हित में जान तक देने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में एक नही 3-3 बार प्रशिक्षित बीएड, आंगनबाड़ी भोजन माताओं और शिक्षामित्रों पर पुलिस बर्बतारता हुई वह भूलने का नाटक कर रहे है।
श्री भट्ट ने आरोप लगाया कि सीबीआई जांच के पीछे कांग्रेस की एकमात्र मंशा भर्ती प्रक्रियाओं को बधित कर युवाओं को रोजगार से वंचित करना है । ताकि युवा भड़के और प्रदेश में कानून व्यवस्था खराब हो। पेपर लीक के आरोपियों को जमानत मिलने पर आरोप लगाने वाले विपक्ष को पहले अपने गिरेबां में झांकने की जरूरत है । क्योंकि यदि आज की तरह अपने कार्यकाल में वह सख्त नकल विरोधी कानून की पहल करते तो आज बेरोजगारों के सामने स्थिति यह नही होती। लेकिन धामी सरकार अब कठोरतम नकल विरोधी कानून लेकर आयी है जिससे पारदर्शिता से सभी परीक्षाएं होगी और युवाओं के साथ न्याय हो सकेगा।
Always confused in recruitment matters: Mahendra Bhatt



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



