समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। सर्दियां आते ही ठंड में होने वाली बीमारियां परेशान करने लगी हैं। हर उम्र के लोगों को गले में सूजन व खांसी-जुकाम हो रहा है। क्योंकि, इस मौसम में तापमान गिरने लगता है और वातावरण में नमी बढ़ जाती है। सर्दी में होने वाली बीमारियों से बचने के लिए लोग दवाएं खाते रहते हैं। यह आदत भी उनके शरीर को नुकसान ही पहुंचाती है।
सर्दी में होने वाली बीमारियों से कैसे बचें?
सर्दी में होने वाली आम बीमारियों से बचने के लिए आपको घरेलू उपाय अपनाने चाहिए। जिसमें मुलेठी एक बेहतरीन औषधि है। आयुर्वेद में मुलेठी को 8 बीमारियों के इलाज से जोड़ा गया है। मुलेठी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण इन बीमारियों को जड़ से खत्म करते हैं और आपको सर्दियों में भी निरोग रखते हैं।
मुलेठी के फायदे –
सर्दियों में मुलेठी की जड़ या पाउडर का सेवन करने से निम्नलिखित बीमारियां दूर हो जाती हैं।
- गले में सूजन व दर्द
- खांसी-जुकाम
- फेफड़ों के रोग
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- कमजोर इम्युनिटी
- लिवर रोग
- स्किन डिसऑर्डर
- मोटापा
मुलेठी का इस्तेमाल कैसे करें- मुलेठी का पानी
घरेलू उपाय के रूप में मुलेठी को इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका इसका पानी बनाना है। गले का इंफेक्शन, गले में दर्द या सूजन से बचने के लिए रोज मुलेठी का पानी पिएं। इसे बनाने के लिए आप 1 गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच मुलेठी पाउडर मिला लें और सेवन करें।
मुलेठी की चाय
डायरेक्टर आयुर्वेदा एक्सपर्ट विकास चावला मुलेठी की चाय को गले के दर्द का कारगर घरेलू उपाय बताते हैं। इसे बनाने के लिए 1 कप उबलते पानी में एक छोटी मुलेठी की जड़ डालें और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर धीमी आंच पर कुछ मिनट पकने दें। इस मिक्सचर को छान लें और इसमें टी बैग डालकर पिएं।
मुलेठी की जड़ चबाना
मुलेठी खाने का सही तरीका क्या है? सर्दी में खांसी मिटाने के लिए मुलेठी की जड़ जबरदस्त घरेलू उपाय है। इसके लिए आप मुलेठी की जड़ कच्ची चबा सकते हैं। मुलेठी की जड़ चबाने से खांसी व गले के दर्द से तुरंत आराम मिलता है।
मुलेठी का काढ़ा बनाने की विधि
सर्दी की बीमारियों से बचने के लिए आप मुलेठी का काढ़ा भी पी सकते हैं। यह एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय है, जिसका सेवन करने से फेफड़ों के रोग, खांसी, गले का इंफेक्शन, कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। काढ़ा बनाने के लिए आप एक चौथाई चम्मच मुलेठी पाउडर, एक चुटकी दालचीनी पाउडर, एक चुटकी काली मिर्च पाउडर और तुलसी की कुछ पत्तियां लेकर 1 गिलास पानी में उबालें। मिक्सचर आधा होने पर छान लें और एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार पिएं।



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