समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। कुंडली में मौजूद कमजोर ग्रह मनुष्य के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। यदि किसी जातक की कुंडली में पापी ग्रह माना जाने वाला केतु नीच का हो तो उस व्यक्ति को कई बुरी आदतें लग सकती है। केतु के बुरे प्रभाव से मनुष्य और भी कई आदतों का शिकार हो सकता है, परंतु ज्योतिष शास्त्र में इसके निवारण के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। यदि आपकी कुंडली में केतु ग्रह नीच का है तो भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं इसके क्या लक्षण हो सकते हैं और इसके निवारण के लिए क्या-क्या उपाय कर सकते हैं।
केतु के कमजोर होने के लक्षण
-ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी जातक की कुंडली में केतु ग्रह कमजोर स्थिति में है तो वह व्यक्ति बुरी आदतों का शिकार हो सकता है।
-कमजोरी केतू जोड़ों में दर्द का संकेत भी देता है। इसके अलावा ऐसे जातकों को सुनने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, अर्थात उनकी सुनने की क्षमता कम हो जाती है।
-कमजोर केतु के कारण शरीर की नसें कमजोर हो सकती हैं, उस व्यक्ति को चर्म रोग भी हो सकता है। केतु ग्रह के कमजोर होने से जातक को हमेशा खांसी की भी दिक्कत बनी रह सकती है।
-वैदिक ज्योतिष के अनुसार, केतु के कमजोर होने के कारण रीढ़ की हड्डी में भी कुछ समस्या हो सकती है, संतान उत्पत्ति में परेशानी हो सकती है। ऐसे जातक पथरी जैसी समस्या के भी शिकार हो सकते हैं।
-कमजोर केतु के कारण जातक की संतान को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
केतु दोष दूर करने के उपाय
-वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जिन जातकों की कुंडली में केतु ग्रह कमजोर होता है उन्हें नियमित रूप से इस मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। ‘ओम स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः।
-केतु दोष निवारण के लिए प्रत्येक शनिवार पीपल के पेड़ की जड़ में कुशा और दूर्वा मिला जल अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा पीपल के पेड़ के जड़ में घी का दीपक जलाने से भी लाभ मिलता है।
-वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यदि आप भगवान गणेश, बजरंगबली और देवी दुर्गा की पूजा करते हैं तो केतु ग्रह का बुरा प्रभाव कम होने लगता है।
-केतु दोष को दूर करने के लिए रविवार के दिन कन्याओं को मीठा दही और हलवा खिलाना चाहिए।
-ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केतु दोष दूर करने के लिए कृष्ण पक्ष में पके चावल में दही और काला तिल मिलाकर एक दोने में रखकर पीपल के पेड़ के नीचे रख दें, अब हाथ जोड़कर मन ही मन केतू शांति की प्रार्थना करें।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440

