समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। इन दिनों मौसम बदल रहा है और अब बस थोड़े ही दिनों में सर्दियों की शुरुआत हो जाएगी। बदलता मौसम कई तरह की बीमारियों वाला होता है। ऐसे में आहार-विहार का भी विशेष ध्यान रखना होगा। जिससे इम्यूनिटी मजबूत बने और इस मौसम में हर तरह के संक्रमण से बचा जा सके। दरअसल इस मौसम में जठराग्नि तीव्र हो जाती है, जिससे पाचनतंत्र बहुत एक्टिव रहता है। इन दिनों भूख खूब लगती है ऐसे में सजग रहें कि कहीं ज्यादा खाना अच्छी सेहत के साथ वजन न बढ़ा दे. बदलते मौसम में कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है इनमें बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश और जोड़ों के दर्द की समस्या का होना आम बात है। इसलिए बुजुर्ग और बच्चों को बहुत ही एहतियात बरतने की जरूरत रहती है।
क्या खाना है फायदेमंद
-खानपान मौसम के अनुकूल होना चाहिए। ठंड शुरू होते ही प्याज का सेवन कम कर दें, जबकि लहसुन और अदरक का सेवन बढ़ाना चाहिए। बहुत अधिक तेल में बनी हुई सब्जियों के बजाय सादा भोजन करना चाहिए, जैसे सब्जियों को काटकर उबाल लें या स्टीम में पकाकर खाएं। भोजन में दालचीनी, काली मिर्च, हल्दी, लौंग, तेज पत्ता जैसे मसालों का प्रयोग बढ़ा देना चाहिए।
-आयुर्वेद में ये सभी मसाले शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। छुहारा, सूखा नारियल, बादाम, मूंगफली और अखरोट का सेवन इस मौसम में फायदेमंद होता है। ये आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। शुद्ध शहद मिल जाए तो इस मौसम में आपके लिए इसे खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है।
दिन में सोने से करें परहेज
अक्टूबर-नवंबर के समय जब मौसम में बदलाव हो रहा होता है, तब आपको दिन में बिल्कुल नहीं सोना चाहिए. इस मौसम में दिन में सोने से शरीर की रोग इम्यूनिटी कमजोर होती है। मौसम बदलने पर दिन और रात के तापमान में काफी अंतर आ जाता है। इसलिए अगर दिन में कहीं निकल रहे हैं, तो रात की ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े अपने साथ जरूर रखें। अगर आपको दो दिन से ज्यादा समय तक बुखार है तो घरेलू नुस्खों के बजाय डॉक्टर से संपर्क करके जरूरी जांच कराएं।
खाने में विटामिन-सी का रखें ध्यान
डॉ अर्पिता के मुताबिक, विटामिन-सी की भरपूर मात्र वाले फलों और सब्जियों का सेवन हमें इन बीमारियों के खिलाफ लड़ने की ताकत देता है। उनका कहना है कि विटामिन-सी बदलते मौसम में कफ और फ्लू से लड़ने में बेहद कारगर है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को बदलते मौसम में फ्लू, बुखार और सर्दी जैसी समस्याओं से बचने के लिए विटामिन-सी की प्रचुर मात्र वाली चीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।
सांस की तकलीफ वाले के रोगी रहें सतर्क
अस्थमा के मरीजों को बदलते मौसम में हेल्थ के प्रति अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसे में ठंडे पदार्थाे का सेवन छोड़ गर्म पानी पिएं और भाप लें। जिन लोगों को जुकाम के लक्षण दिख रहे हैं, उनके लिए भी भाप लेने से बेहतर कोई दूसरा घरेलू उपाय नहीं है। भाप लेने से सीने की जकड़न और बंद नाक में आराम मिलता है। भाप श्वसनतंत्र से संबंधित हर रोग में लाभकारी है।
हल्दी वाला दूध
बदलते मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए रोजाना रात में सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पीने की सलाह दी जाती है। इसे बनाने के लिए एक गिलास गुनगुने दूध में एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाएं। कुछ लोग दूध में बहुत ज्यादा हल्दी डाल लेते हैं, जो कि नुकसानदायक हो सकता है।
एक्सरसाइज करना न भूलें
बेहतर इम्यूनिटी और हेल्दी शरीर के लिए जितना जरूरी खानपान होता है, उतना ही जरूरी व्यायाम भी है. आप जो खा रहे हैं, उसे पचाने के लिए फिजिकली एक्टिव भी रहना है। इसके लिए योग, प्राणायाम जरूर करें। योग करने से रक्त का संचार तेज होता है। इससे हमारा शरीर बेहतर तरीके से काम करता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। योग शरीर और मन के बीच संतुलन को बेहतर बनाकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।
केला खाने के बाद आप आमतौर पर इसके छिलके को फेंक ही देते हैं लेकिन ये बेकार छिलका आपकी कई दिक्कतों को दूर करने के काम आ सकता है. फेमस न्यूट्रिशनिस्ट सोनाली सबरवाल के अनुसार केले का छिलका आपके गले में सर्दी-खांसी-ज़ुकाम की वजह से होने वाले दर्द को चुटकियों में दूर कर सकता है. इस संबंध में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की है. आइये जानते हैं कि केले का छिलका गले के दर्द को दूर करने के लिए किस तरह से काम आ सकता है।
इस तरह से करें केले के छिलके का इस्तेमाल
-सर्दी-खांसी-ज़ुकाम से गले में हो रहे दर्द को दूर करने के लिए आप केले के छिलके को चार भागों में बांट लें. अब आप गैस को ऑन करें और तवे को गैस पर रखें. इसके बाद फ्लेम को लो कर दें। अब आप केले के छिलके को गर्म कर लें. इस बात का ध्यान रखें कि छिलके को उतना ही गर्म करना है। जितना गर्म आप इसको अपनी स्किन पर बर्दाश्त कर सकें। जब केले का छिलका गर्म हो जाए, तो आप एक टॉवल लें या फिर कॉटन का कोई मोटा कपड़ा लें। फिर इस टॉवल या कपड़े में गर्म किये गए केले के छिलकों को रैप करें और इसको फोल्ड कर लें। इसके बाद आप इस कपड़े को गले में लगाकर सिकाई करें। अगर टॉवल या कपड़ा बड़ा है और उसको गले में लपेटना आसान है, तो आप इसको गले में लपेट भी सकते हैं। इस कपड़े से आप तब तक सिकाई कर सकते हैं।
-जब तक ये आपको गर्माहट का अहसास करवा रहा हो। इससे आपके गले में हो रहे दर्द को काफी आराम मिल सकता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि केले के छिलके से गले की सिकाई आपको तब ही करनी है। जब आपको ये दर्द सर्दी-खांसी-ज़ुकाम की वजह से हो रहा हो। गले में किसी और तरह की परेशानी होने पर आपको ऐसा नहीं करना है। इस बात का भी ध्यान रखें कि जब आप गले में लिपटे कपड़े को हटाएं। तो किसी और कपड़े से अपने गले को लगभग दस-पंद्रह मिनट तक ढक कर रखें। साथ ही सिकाई के बाद ठंडा पानी बिल्कुल भी न पियें।
इस तरह से भी इस्तेमाल कर सकते हैं छिलके
-केले के छिलके को अपनी स्किन पर हल्के-हल्के रगड़ने से दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। इसके लिए केले के छिलके पर आधा चम्मच शहद और एक चुटकी हल्दी डालकर इसका इस्तेमाल करें।
- आंखों की थकावट को दूर करने के लिए खीरे की स्लाइसेस की तरह से केले के छिलकों को इस्तेमाल किया जा सकता है। इस्तेमाल करने से पहले इसको कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें।
- पैरों में हो रहे दर्द को केले के छिलकों की सिकाई से दूर किया जा सकता है। इसके लिए केले के छिलके को गर्म करके कपड़े में बांधकर सिकाई करें।
-चमड़े के जूतों को चमकाने के लिए आप केले के छिलके का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप छिलके के सफेद भाग को जूते पर हल्के-हल्के रगड़ें।



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