समाचार सच, हल्द्वानी/बेतालघाट। थाना पुलिस ने बेतालेश्वर मंदिर के पुजारी की हत्या का षडयंत्र रचने वाले दो युवकों को घटना करने से पूर्व ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ संबंधित धारा में मामला दर्ज किया है।
बेतालघाट पुलिस के अनुसार थानाध्यक्ष मनोज सिंह नयाल को मुखबिर खास ने सूचना दी गई कि बेतालघाट में रहने वाले रंजन गोस्वामी व गोपाल पडियार नि0 चापड़ बेतालघाट जो दो हफ्ते पहले अवैध असलाह लेने के लिये दिल्ली गये थे और आजकल वह दोनों एक साथ रह रहे है, हो सकता है ये लोग कुछ अप्रिय घटना करके आये है या फिर कोई अप्रिय घटना करने वाले है।
सूचना पर थानाध्यक्ष नयाल, उपनिरीक्षक हरिराम, का0 अनिल कुमार के साथ दोनों युवक रंजन गिरी गोस्वामी पुत्र प्रेम गिरी गोस्वामी निवासी ग्राम कमेडुवा भिक्यासैण हाल निवासी बेतालघाट व गोपाल सिंह पडियार पुत्र अनूप सिंह पडियार नि0 चापड़ बेतालघाट को अपनी गिरफ्त में लेकर पूछताछ की तो उनके द्वारा कई रहस्य उजागर हुए। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि लगभग 6 महिने पहले बेतालघाट में स्थापित बेतालेश्वर मन्दिर के पुजारी चन्दन नाथ गोस्वामी से चढ़ावे के तेल एवम अन्य सामानों को लेकर बहस हुई थी और उस दिन मेरे द्वारा आवेश में आकर पुजारी चन्दन नाथ का गला पकड़कर मारने का प्रयास किया गया। मंदिर पुजारी चन्दन व मेरे बीच मन्दिर के चढ़ावे की सामग्री को लेकर आये दिन लड़ाई झगड़ा होता था क्योंकि मैं भी उसी बेतालेश्वर मंदिर प्रांगण में स्थापित नकुआ बूबू मंदिर का पुजारी हूं। जब मुझे ये लगा कि ये मानने वाला नही है और इसी के पास सारा चढ़ावे का सामान जा रहा है तब मेरे मन में उसके प्रति और ज्यादा नफरत हो गयी और मैने उसे जान से मारने का प्लान बनाया।
चन्दन को जान से मारने के लिये मुझे देशी तमंचे की आवश्यकता थी तब मेरी मुलाकत रंजन से हुई क्योकि रंजन ने इन्स्ट्राग्राम पर कई बार देशी तमंचे की फोटो लगायी थी। तब मुझे लगा कि रंजन आसानी से मुझे तमंचा दिला सकता है। इसी को लेकर मैंने रंजन से मुलाकात की और चन्दन को मारने के लिये तमंचे को खरीदने का प्लान बनाया। उसने रंजन गिरी गोस्वामी के साथ मिलकर हत्या करने की साजिश रचते हुए अवैध देशी तमंचा लेने की योजना बनायी व अवैध देशी तमंचे को लाने हेतु रंजन गिरी गोस्वामी के साथ मो0साईकिल से दिल्ली गये व संबंधित से अवैध असलाह लेने हेतु उसके अकाउंट में रुपए भेजे गए। रुपए भेजने के उपरान्त तमंचे व कारतूसों की फोटो संबंधित व्यक्ति द्वारा रंजन को जरिये व्हाट्सअप भेजी गयी। लेकिन पुजारी की हत्या के लिए तय समय पर असलाह न पहुंचने के कारण गोपाल पडियार व रंजन गिरी गोस्वामी घटना को अंजाम नही दे पाये। जब वह इस अंजाम को मुकाम तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे उससे पूर्व ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



