समाचार सच, देहरादून डेस्क। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। कई इलाकों में सड़कें टूटी, घर जलमग्न हुए और लोगों के फंसे होने की खबरें सामने आईं। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…


समाचार सच, देहरादून डेस्क। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। कई इलाकों में सड़कें टूटी, घर जलमग्न हुए और लोगों के फंसे होने की खबरें सामने आईं। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…

समाचार सच, पिथौरागढ़। जिले के डीडीहाट क्षेत्र अंतर्गत लोहार गांव के पास रविवार को अचानक पहाड़ी खिसकने से एक आवासीय मकान मलबे की चपेट में आ गया। इस हादसे में एक महिला और उसके जानवरों के दबे होने की सूचना…

श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षाऋतु सिंहार्क ३१ गते भाद्रपद मास चान्द्रमास से आश्विन कृष्ण पक्ष दशमी तिथि मंगलवार सूर्योदय ६/१ बजे सूर्यास्त ६/११ बजे राहु काल ३ बजे से ४/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त ११/५५ बजे से…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जन्म कुंडली का नवम भाव (नवां घर) न केवल धर्म और भाग्य का सूचक होता है, बल्कि यह पूर्वजों की कृपा और उनसे जुड़ी इच्छाओं का प्रतिनिधित्व भी करता है। अगर इस…

समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड के लोगों के लिए खुशखबरी है। अब देवभूमि से सीधे आईटी सिटी बेंगलुरु तक सफर करना और आसान हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से एयर इंडिया एक्सप्रेस की देहरादून-बेंगलुरु…

मिस्टर डांडिया से लेकर डांडिया क्वीन तक… प्रतियोगिताओं से सजेगा संकल्प बैंकट हाल समाचार सच, हल्द्वानी। नवरात्र पर्व के शुभ अवसर पर वूमेन्स क्लब ऑफ उत्तराखण्ड की ओर से एक बार फिर पारंपरिक उल्लास और रंगारंग माहौल के बीच डांडिया…

श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य दक्षिणायन वर्षाऋतु सिंहार्क ३० गते भाद्रपद मास चान्द्रमास से आश्विन कृष्ण पक्ष नवमी तिथि सोमवार सूर्योदय ६/१ बजे सूर्यास्त ६/१३ बजे राहु काल ७/३० बजे तक अभिजीत मुहूर्त दिन में ११/५५ बजे से १२/४३…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सनातन धर्म में सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व है। यह दिन पितृ पक्ष की अंतिम तिथि होती है और इसे सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन तर्पण, श्राद्ध और दान करने से…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। यह श्राद्ध माताओं, दादी, परदादी और परिवार की अन्य दिवंगत विवाहित महिलाओं को समर्पित है। इस दिन श्राद्ध करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। धार्मिक मान्यतानुसार कुतुप काल…