चैत्र नवरात्रि 2025: शुभ संयोग और पूजन विधि

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। चैत्र नवरात्रि का पर्व इस वर्ष ख्तारीख, से प्रारंभ होकर तारीख, तक मनाया जाएगा। यह पावन समय देवी दुर्गा की उपासना, व्रत, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। इस बार के नवरात्रि में कई शुभ संयोग और योग बन रहे हैं, जो भक्तों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे।

शुभ संयोग और योग
रवि योग और सिद्धि योग

इस बार चैत्र नवरात्रि में विशेष योग बन रहे हैं, जिससे पूजा-पाठ का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

ग्रहों की शुभ स्थिति
ग्रहों की अनुकूलता के कारण यह नवरात्रि साधना, मंत्र जाप और सिद्धि प्राप्ति के लिए उत्तम है।

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शुभ मुहूर्त में घट स्थापना
इस वर्ष घट स्थापना के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त प्रातः ख्समय, बजे से ख्समय, बजे तक रहेगा।

पूजा विधि और महत्व

  • पहले दिन घट स्थापना कर माँ शैलपुत्री की पूजा से नवरात्रि की शुरुआत होती है।
  • प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
  • नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन और हवन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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कौन-कौन से कार्य इस दौरान करना शुभ रहेगा?

  • नया व्यापार शुरू करना
  • गृह प्रवेश और भूमि पूजन
  • वाहन या संपत्ति खरीदना
  • संतान प्राप्ति के लिए विशेष पूजा करना

इस बार की चैत्र नवरात्रि भक्तों के लिए विशेष फलदायी सिद्ध हो सकती है। माता रानी का आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धा और विधिपूर्वक पूजा करें।

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