समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस बार चारधाम यात्रा को हर दृष्टि से बेहतर, सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुखद अनुभव मिल सके। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और यात्रियों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
सीएम ने विशेष रूप से हेली सेवाओं को लेकर कहा कि इसमें व्यावसायिक सोच नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही ग्रीन एवं क्लीन यात्रा अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने, प्लास्टिक पर सख्ती और पर्याप्त कलेक्शन बॉक्स लगाने के निर्देश भी दिए।
वीआईपी मूवमेंट को लेकर विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के शुरुआती चरण में भारी भीड़ रहती है, ऐसे में वीआईपी और विशेष श्रेणी के आगंतुकों को पहले एक महीने तक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे आम श्रद्धालुओं को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर यात्रा को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया।
मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने, प्रमुख स्थलों पर सेल्फी प्वाइंट विकसित करने और यात्रा मार्गों पर स्वच्छता व साइनज बेहतर करने के निर्देश भी दिए गए।
आपूर्ति व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दैनिक निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करते हुए यात्रा मार्गों पर मेडिकल यूनिट्स, अस्थायी अस्पताल और पशु चिकित्सा सेवाएं बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थलों की बेहतर व्यवस्था पर जोर दिया गया।
भीड़ प्रबंधन के लिए स्लॉट सिस्टम और डिजिटल मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाने, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को सरल करने और अतिरिक्त बूथ लगाने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और एआई आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की बात कही गई।
कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और आपदा प्रबंधन को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि यात्रा मार्गों पर जाम की स्थिति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाए।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। हालांकि, शुरुआती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को पूरी तरह सुचारू बनाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जा रही है।



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