बजट से आम आदमी को कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए: लक्ष्मी कपरूवान अग्रवाल

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Common man should not expect anything from the budget: Lakshmi Kapruwan Agarwal

समाचार सच, देहरादून। पछवादून कार्यकारी जिलाध्यक्ष लक्ष्मी कपरूवान अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया की शुक्रवार को तिलक भवन विकासनगर में महत्वपूर्ण पत्रकारों को संबोधित करते हुए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए प्रस्तुत बजट को दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी तथा मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला बजट बताया। लक्ष्मी कपरूवान अग्रवाल ने राज्य विधानसभा में प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सदन में जो बजट प्रस्तुत किया है वह दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी, बेरोजगारी व मंहगाई बढ़ाने वाला तथा राज्य की आर्थिक वृद्धि पर चोट पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किये गये बजट में नया कुछ भी नहीं है। इस बजट में महंगाई, बेरोजगारी व पलायन रोकने के कोई प्रावधान नहीं किये गये हैं। लक्ष्मी कपरूवान अग्रवाल ने कहा कि बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। बजट का आकार बढ़ाया गया है परन्तु आय के श्रोत नहीं बताये गये हैं। चिंता की बात यह है कि सरकार के बजट के अनुसार राज्य पर इस वित्तीय वर्ष के अंत तक एक लाख 34 हजार 749 करोड़ रुपये की उधारी चढ़ जाएगी। वर्ष 2017 तक प्रदेश पर केवल 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज और देनदारी थी। इसके बाद प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद इस साल तक सरकार ने 99 हजार 749 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। इसलिए उत्तराखंड राज्य पर कर्ज उसके सालाना बजट के आकार से कहीं अधिक हो गया है।

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लक्ष्मी कपरूवान अग्रवाल ने कहा कि बजट में प्रदेश के युवाओं को फिर से हतासा हाथ लगी है, स्वरोजगार के नाम पर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है जो हर बजट पर प्रदेश कि भाजपा सरकार करती आई है । अगर पूर्व के बजट पर जो युवाओं के लिए घोषणा कि गयी थी वो अगर धरातल पर पूर्ण होती तो तो प्रदेश का युवा आज सड़कों पर ना होता। लक्ष्मी कपरूवान अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य पर्यटन प्रदेश है परन्तु प्रदेश सरकार कि इस विषय पर संवेदनशीलता शून्य है, पूर्व के बजट कि बात करे या वर्तमान बजट पर राज्य के मुख्य आय के स्रोत पर्यटन के लिए बजट में नाममात्र की घोषणा की गई है।

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चारधाम यात्रा में मूलभूत सुविधाओं के लिए 10 करोड़ के बजट की घोषणा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। लक्ष्मी कपरूवान अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार के बजट को निराशाजनक बताते हुए बजट की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में कोरी घोषणाओं का अंबार लगा कर घाटे का बजट पेश कर राज्यवासियों को कर्ज के बोझ तले दबाने का षड्यंत्र किया गया है। लक्ष्मी कपरूवान अग्रवाल ने कहा कि पूर्व के प्रस्तुत बजट का अभी तक 40 प्रतिशत खर्च नही हुआ है और अब कोरी घोषणाओं का अंबार लगा दिया गया है, और अब पूर्व का 40 प्रतिशत बजट सरकार मात्र 15 दिन में खत्म नहीं कर सकती। इसलिए कर्ज में डूबे इस बजट से राज्य के युवाओं, किसानों और आम आदमी को कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। इस मौके पर अभिनव ठाकुर, किदेश जायसवाल, आशीष पुंडीर,अमित पवार, मेहताब अली, विकास शर्मा, नीरज अग्रवाल, सुनील तोमर, शम्मी प्रकाश, अनूप कपिल, नीलम थापा, भास्कर चुग, सरोज देवी, वीरेंद्र नौटियाल, आदि लोग मौजूद थे।

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