उत्तराखंड के बारहवें मुख्यमंत्री को लेकर बना हुआ है असमंजस, धामी के लिये तीन विधायक अपनी विधानसभा सीट खाली करने को तैयार

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-सुनील दत्त पांडेय, देहरादून। तीन विधायकों ने अपनी विधानसभा सीट पुष्कर सिंह धामी के लिए खाली करने को कहा है और उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। इसी तरह त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए डोईवाला से चुनाव जीते भाजपा के विधायक ब्रज भूषण ने अपनी सीट खाली करने की बात कही और रावत को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की जबकि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वे मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं है और न ही उन्हें मुख्यमंत्री बनना है। यदि वे मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते तो वे विधानसभा चुनाव लड़ते और पार्टी हाईकमान को लिख कर क्यों भेजते कि उन्हें चुनाव नहीं लड़ना है।

उत्तराखंड में चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के बारहवें मुख्यमंत्री को लेकर असमंजस बना हुआ है। अभी तक यह नहीं पता चल पा रहा है कि पुष्कर सिंह धामी की जगह कौन लेगा। धामी के खटीमा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारने के बाद भाजपा में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर माथापच्ची चल रही है।
इस बीच, सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, मदन कौशिक जैसे नेताओं ने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश कर दी है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के चयन की चर्चा के बीच शनिवार को नैनीताल संसदीय क्षेत्र से भाजपा के विधायक और केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की। अजय भट्ट, रमेश पोखरियाल निशंक, अनिल बलूनी, गणेश जोशी का नाम भी मुख्यमंत्री के लिए चर्चा में चल रहा है।
दूसरी तरफ, तीन विधायकों ने अपनी विधानसभा सीट पुष्कर सिंह धामी के लिए खाली करने को कहा है और उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। इसी तरह त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए डोईवाला से चुनाव जीते भाजपा के विधायक ब्रज भूषण ने अपनी सीट खाली करने की बात कही और रावत को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की जबकि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वे मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं है और न ही उन्हें मुख्यमंत्री बनना है। यदि वे मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते तो वे विधानसभा चुनाव लड़ते और पार्टी हाईकमान को क्यों लिख कर क्यों भेजते कि उन्हें चुनाव नहीं लड़ना है।
वहीं दूसरी ओर रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि वे मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं है और उन्हें पार्टी हाईकमान ने आज तक जो भी जिम्मेदारी दी है वह उन्होंने बखूबी निभाई है। इस तरह निशंक ने सीधे सीधे मुख्यमंत्री बनने इच्छा तो नहीं जताई है परंतु साफ तौर पर इनकार भी नहीं किया।

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सूत्रों के मुताबिक भाजपा हाईकमान किसी भी लोकसभा सांसद को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में नहीं है क्योंकि 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में भाजपा हाईकमान लोकसभा का उपचुनाव कराना नहीं चाहता है यदि भाजपा हाईकमान ने विधायकों में से मुख्यमंत्री नहीं चुनने का फैसला लिया तो राज्य में सभा सांसद अनिल बलूनी को भाजपा एक महान मुख्यमंत्री बना कर राज्य में ब्राह्मण कार्ड खेल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा हाईकमान ने राज्य के लिए पर्यवेक्षक के तौर पर पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान को नियुक्त किया है जो विधायकों की राय लेंगे और पार्टी हाईकमान को बताएंगे और संसदीय बोर्ड मुख्यमंत्री के नाम को अंतिम रूप देगा। माना जा रहा है कि होली के बाद उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री घोषित किया जाएगा क्योंकि फिलहाल होलाष्टक लग गए हैं और इन होलाष्टक में शुभ कार्य नहीं होते हैं होली के बाद होलाष्टक समाप्त होने पर नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलाई जाएगी।

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