समाचार सच, देहरादून। गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान का धरना आज ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित होने के बावजूद पूर्वज जारी रहा। गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान के अभियान कर्मी आज भी धरने पर बैठे रहे। गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान ने कहा कि जब तक गैरसैंण प्रदेश की स्थाई व पूर्णकालिक राजधानी नहीं बनती है, तब तक आंदोलन को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।
गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान ने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी का घोषित किया जाना हमारे द्वारा प्रारंभ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है, परंतु यह पूर्ण मंजिल की प्राप्ति नहीं है। हमने आधी लड़ाई अभी जीती है और आधी अभी बाकी है। गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान ने इस बात पर जोर दिया है कि जो राजनीतिक शुरुआत ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने से प्रारंभ हुई है, यह स्थाई और पूर्णकालिक राजधानी बनने पर मुकाम पर जरूर पहुंचेगी। गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान ने राजधानी आंदोलन को तेज करने के लिए नई रणनीति विकसित करने के संकेत भी दिए हैं, और साथ में वर्तमान सरकार से कहा है कि वह यह सुनिश्चित करवाएं कि संपूर्ण ग्रीष्मकालीन सत्र में सभी मंत्री, विधायक, सचिव और सरकारी अमला केवल गैरसैंण राजधानी से कार्य संपादित करना प्रारम्भ करे। अन्यथा मुख्यमंत्री की घोषणा कोरी घोषणा और प्रदेश की जनता को भ्रमित कराने वाला करार दिया जाएगा। अपनी ओर से गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान, गैरसैंण से व्यवस्था संचालित करने के लिए आवश्यक जनदबाव बनाने के लिए कदम विकसित करेगा।
धरना देने वालों में लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, मनोज ध्यानी, रविंद्र कुमार प्रधान, विजय सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, राजेंद्र सिंह, सोहन सिंह रावत, राकेश चंद्र सती, प्रवीण गुसाईं, सुशील विरमानी सुरेश कुमार, विपुल नौटियाल, यशवीर आर्य, चंडी थपलियाल, जय नारायण, भगवान जयकृत नेगी, जीतमणि पैन्यूली, शीशपाल सिंह बिष्ट, हरेंद्र सिंह नेगी, किरण किशोर आदि उपस्थित रहे।



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