Crystal removes the defect of Venus in the horoscope, wearing it will bring wealth and fame.
समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। कुंडली में ग्रह दोष और घर के वास्तुदोष दूर करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में तमाम उपाय बताए गए हैं। इन उपायों में रत्नों को लेकर भी जिक्र किया गया है। रत्न हमारे जीवन में अहम प्रभाव डालते हैं। पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि किसी भी रत्न का लाभ तब प्राप्त होता है, जब उसे राशी के हिसाब से धारण किया जाए। सही रत्न धारण करने या फिर माला जाप से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। सफलता के मार्ग भी प्रशस्त होते हैं। स्फटिक को अंग्रेजी में रॉक क्रिस्टल कहा जाता है। स्फटिक माला जादुई माला है। स्फटिक धारण करने से व्यक्ति का आकर्षण एकाएक बढ़ जाता है। जानते हैं स्फटिक से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें।
स्फटिक के ज्योतिषीय लाभ
भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, स्फटिक को शुक्र ग्रह से संबंधित माना जाता है। यदि कुंडली में शुक्र ग्रह दोष हो, तो चांदी की अंगूठी में क्रिस्टल माला या स्फटिक रत्न धारण करना चाहिए। इस माला को चंद्र ग्रहण के समय लक्ष्मी सूक्त के मंत्रों द्वारा प्रतिष्ठित और सिद्ध किया जाता है। अगर ऐसी माला को गले में पहना जाता है, तो निश्चित रूप से महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसे शुक्रवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है।
स्फटिक धारण करने के फायदे
स्फटिक की माला धारण करने से किसी भी भय से मुक्ति मिलती है। जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। मन शांत रहता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, स्फटिक धारण करने से धन, संपत्ति और यश प्राप्त होता है। स्फटिक माला करते समय किसी भी मंत्र का जाप करने से वह शीघ्र सिद्ध होता है। स्फटिक धारण करने से धन की देवी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और शुक्र ग्रह दोष भी दूर होता है, जिससे आर्थिक संकट दूर होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।



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