आपके ऊपर भी बढ़ रहा है कर्ज, कहीं वास्तु में ये कमी तो नहीं

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। घर के वास्तु में कुछ कमियां भी हो सकती हैं। कई बार हमारे साथ ऐसा होता है कि जीतोड़ मेहनत करने के बाद भी हमें सफलता नहीं मिलती है। उल्टा हमारे ऊपर कर्ज बढ़ता जाता है। घर में धन की कमी होने लगती है और इस वजह से हमारे काम अधूरे रह जाते हैं। घर में बच्चों की शादी के योग नहीं बन पाते हैं। परिवार में पैसों को लेकर मारामारी बनी रहती है। कुछ हद तक हमारे हाथ की लकीरें इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं तो वहीं हमारे घर के वास्तु में कुछ कमियां भी हो सकती हैं जो हमें धन की कमी से नहीं उबरने देतीं। आइए जानते हैं क्या हैं ये कमियां
उत्तर दिशा का ऐसा होना
अगर आपके घर की उत्तर दिशा में कुछ कमी हो तो आपके ऊपर कर्ज बढ़ता चला जाता है। उत्तर दिशा को भगवान की दिशा माना जाता है। इस दिशा को सदैव खुला-खुला और खाली रखना चाहिए। घर की उत्तर दिशा में भारी फर्नीचर रखने या फिर अन्य कोई भारी सामान रखने से दोष उत्पन्न होता है। इसके अलावा उत्तर दिशा की दीवार पर कोई भारी-भरकम चीज न लटकी हो। उत्तर दिशा की दीवार टूटी-फूटी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही इस बात का जरूर ध्यान रखें कि उत्तर दिशा सदैव खुली हुई होनी चाहिए।
कहीं ऐसी कमी आपके घर में तो नहीं
अगर आपके घर की उत्तर दिशा बाकी हिस्सों की तुलना में अधिक उठी हो तो भी एक प्रकार की वास्तु की कमी मानी जाती है। घर बनवाते समय यदि आप उत्तर दिशा को कवर करवा देते हैं रखते हैं और दक्षिण दिशा को खाली रखते हैं तो भी यह एक प्रकार की कमी मानी जाती है। वहीं दक्षिण-पश्चिम दिशा में पानी का अंडरग्राउंट टैंक होने से आपके ऊपर अधिक कर्ज चढ़ता है और आप सदैव धन की कमी से जूझते रहते हैं।
झगड़े-फसाद की वजह
अगर आपको व्यापार में साझेदारों के साथ झगड़े-फसाद का सामना करना पड़ रहा है तो आपको अपने घर की उत्तर-पूर्व दिशा को चेक करना चाहिए। अगर आपने इस दिशा में कोई ऐसी मशीन लगा रखी है जिससे काफी हीट निकलती है तो यह एक बहुत बड़ी कमी है। इसकी वजह से आपके कामधंधे में परेशानी या फिर रुकावट आ सकती है।
दक्षिण-पूर्व दिशा में हो पानी का टैंक
अगर आपके प्रतिष्ठान में अक्घ्सर ऐसा होता है कि क्घ्लाइंट से आपका विवाद होता रहता हो या फिर आपको अक्घ्सर कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता हो तो इसकी वजह पानी के टैंक का गलत दिशा में होना हो सकता है। अगर आपके यहां पानी का टैंक दक्षिण-पूर्व दिशा में है तो यह वास्तु में कमी को दर्शाता है। दक्षिण-पूर्व दिशा अग्नि तत्व को दर्शाती है और इस दिशा के स्वामी अग्निदेव माने जाते हैं। पानी और आग एक-दूसरे के शत्रु माने जाते हैं और किसी भी सूरत में एक साथ नहीं रह सकते। अग्नि की दिशा में पानी को रखना शत्रु को पालने के समान है।

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