उत्तरकाशी में आसमान से टूटी आफत! एक ही वज्रपात में 200 से ज्यादा भेड़-बकरियां मरीं, 100 से अधिक अब भी लापता

खबर शेयर करें

समाचार सच, उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के दुर्गम डोडीताल क्षेत्र स्थित पखोटू बुग्याल में सोमवार देर रात प्रकृति ने ऐसा कहर बरपाया कि कई पशुपालकों की वर्षों की मेहनत पलभर में खत्म हो गई। तेज बारिश और गरज-चमक के बीच हुए भीषण वज्रपात की चपेट में आने से 200 से अधिक भेड़-बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक पशु अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस हादसे से अस्सी गंगा घाटी और मोरी क्षेत्र के करीब 15 पशुपालक परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

जानकारी के अनुसार, इन दिनों अस्सी गंगा घाटी और मोरी क्षेत्र के पशुपालक अपने करीब 300 से अधिक भेड़-बकरियों के साथ मौसमी प्रवास पर पखोटू बुग्याल में डेरा डाले हुए थे। सोमवार देर रात अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ लगातार बिजली चमकने लगी। इसी दौरान एक भीषण आकाशीय बिजली सीधे पशुओं के झुंड पर गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में भेड़-बकरियां मर गईं।

यह भी पढ़ें -   बदरीनाथ धाम के दान पर बड़ा एक्शन! धामी सरकार ने बैठाई हाई लेवल जांच, 15 दिन में आएगी पूरी सच्चाई

घटना के बाद कई पशु जान बचाने के लिए जंगल की ओर भाग गए, जिनकी तलाश अभी भी जारी है। मंगलवार सुबह एक व्यक्ति किसी तरह दुर्गम बुग्याल से नीचे उतरकर अगोड़ा और ढासड़ा गांव पहुंचा और ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया। हालांकि, पखोटू बुग्याल तक पहुंचने के लिए लगभग 20 किलोमीटर का कठिन पैदल सफर तय करना पड़ता है, जिसके चलते राहत एवं सर्वे कार्य में समय लग सकता है।

यह भी पढ़ें -   पिथौरागढ़ की इस ग्राम पंचायत ने पेश की मिसाल, बेटी के जन्म पर मिलेगा इनाम, शादी में भी आर्थिक सहयोग

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मृत पशुओं की वास्तविक संख्या का सत्यापन करेगी और पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। इसके बाद नियमानुसार प्रभावित पशुपालकों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पशुपालकों का कहना है कि भेड़-बकरी पालन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत ने उन्हें आर्थिक रूप से बुरी तरह झकझोर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440