किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामला: हल्द्वानी में SIT की दस्तक, IG नीलेश भरणे ने दिए निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश

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समाचार सच, हल्द्वानी। काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की जांच में तेजी आ गई है। शनिवार, 17 जनवरी 2026 को विशेष जांच दल (SIT) हल्द्वानी पहुंचा और उस होटल का निरीक्षण किया, जहां सुखवंत सिंह ने आत्महत्या की थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन किया और प्रारंभिक जानकारियां जुटाईं।

इस दौरान कुमाऊं रेंज के आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने मीडिया को बताया कि मामले की निष्पक्ष और दबावमुक्त जांच सुनिश्चित करने के लिए काशीपुर के आईटीआई थाने में दर्ज एफआईआर को अब काठगोदाम थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उधम सिंह नगर पुलिस मृतक के परिजनों से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं करेगी, ताकि जांच पर कोई असर न पड़े।

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आईजी भरणे ने बताया कि मृतक के घर पर पहले से तैनात उधम सिंह नगर पुलिस की सुरक्षा हटाकर अब दूसरे जिले की पुलिस फोर्स को तैनात किया जाएगा, जिससे परिवार पर किसी भी तरह का दबाव न बने। उन्होंने कहा कि रविवार को SIT काशीपुर जाकर परिजनों से मुलाकात करेगी और उनके बयान दर्ज करेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में नजर आ रहे सभी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जाएंगे और हर पहलू की तकनीकी व कानूनी जांच होगी। मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि 10 जनवरी की रात सुखवंत सिंह ने नैनीताल के गौलापार क्षेत्र स्थित एक होटल में आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में उन्होंने जमीन खरीद के नाम पर करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और पुलिस पर मदद न करने के गंभीर आरोप लगाए थे।

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इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आईटीआई थानाध्यक्ष सहित दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, जबकि पौगा चौकी प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। सभी 12 पुलिसकर्मियों का कुमाऊं से गढ़वाल रेंज में ट्रांसफर भी कर दिया गया है।

मृतक के भाई की तहरीर पर काशीपुर के आईटीआई थाने में 26 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, हालांकि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सभी 26 आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। शासन स्तर से मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी गई है।

पुलिस मुख्यालय ने पहले गठित दोनों एसआईटी को रद्द करते हुए आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में पांच सदस्यीय नई एसआईटी गठित की है, जो अब पूरे मामले की जांच कर रही है।

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