गोलना प्राथमिक विद्यालय में फिर लौटी रौनक, शून्य छात्र संख्या से उबरकर मिला नया जीवन

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समाचार सच, बागेश्वर डेस्क। उत्तराखंड में पिछले पांच वर्षों के दौरान शून्य छात्र संख्या के कारण 826 प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं। इसके पीछे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन और घटती छात्र संख्या मुख्य कारण माने जा रहे हैं। बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील स्थित गोलना गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय भी इसी स्थिति का सामना कर रहा था और बंद होने की कगार पर पहुंच गया था।

लेकिन गांव के लोगों की जागरूकता और सामूहिक प्रयासों ने इस विद्यालय की तस्वीर बदल दी। एक समय ऐसा था जब विद्यालय में केवल एक छात्रा के सहारे शिक्षण कार्य चल रहा था। इस वर्ष उस छात्रा के कक्षा 5 उत्तीर्ण करने के बाद विद्यालय पूरी तरह छात्रविहीन हो गया, जिससे इसके बंद होने का खतरा बढ़ गया था।

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इसी बीच ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने पहल करते हुए विद्यालय को बचाने का संकल्प लिया। ग्राम प्रधान ज्योति शाही, सामाजिक कार्यकर्ता कमल शाही और स्थानीय अभिभावकों ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने बच्चों का नामांकन इसी विद्यालय में कराना शुरू किया।

इस सामूहिक प्रयास का सकारात्मक परिणाम सामने आया। जहां पहले विद्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ था, वहीं अब 10 बच्चों का नामांकन हो चुका है और विद्यालय में फिर से चहल-पहल लौट आई है। इसके अलावा, 5 और बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया जारी है, जिससे भविष्य में विद्यालय और मजबूत होने की उम्मीद है।

अभिभावक खष्टी शाही ने कहा कि सरकारी स्कूलों को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि वे अपने बच्चों को दो किलोमीटर दूर से पढ़ने के लिए इसी विद्यालय में भेज रही हैं और अन्य अभिभावकों से भी सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन कराने की अपील की।

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विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मुन्नी गड़िया ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज की एकजुटता और शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। उन्होंने अन्य अभिभावकों से भी अपने बच्चों को नजदीकी सरकारी विद्यालयों में भेजने का आग्रह किया।

गोलना गांव की यह पहल न केवल एक विद्यालय के पुनर्जीवन की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सामूहिक प्रयास से किसी भी समस्या का समाधान संभव है। यह उदाहरण उन अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन सकता है, जहां सरकारी विद्यालय छात्र संख्या के अभाव में बंद होने की कगार पर हैं।

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