हल्द्वानी मर्डर केस का पांच दिन बाद खुलासा: वैल्डर निकला सिपाही की पत्नी का हत्यारा, लूट के इरादे से हुई हत्या

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समाचार सच, हल्द्वानी। महानगर हल्द्वानी के ब्लाक समीप स्थित कालिका कॉलोनी (Policeman wife murdered in Kalika Colony) में हुई सिपाही की पत्नी ममता बिष्ट हत्याकांड का पुलिस ने पांच दिन बाद खुलासा (Haldwani policeman wife murder exposed) कर दिया। पुलिस ने एक हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है। सिपाही की पत्नी का हत्यारा वैल्डर निकला है। जिसने 2 वर्ष पूर्व उनके मकान में ग्रिल लगाने का कार्य किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने उक्त हत्या अधिक कर्जा हो जाने के कारण लूट के इरादे की हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयोग की गई हथौड़ी सहित लूट के जेवरात और नकदी बरामद की गई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के बाद उसे कार्रवाई कर न्यायालय में पेेश करने की तैयारी कर रही है।

आपकों बता दें कि गुरूवार को कालिका कॉलोनी मुखानी निवासी सिपाही शंकर बिष्ट की पत्नी ममता की दिनदहाड़े घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। घटना का पता बच्चों के स्कूल से लौटने पर चला। इसके बाद पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई। सोमवार को यहां पुलिस बहुउद्देशीय भवन के सभागार में मामले का खुलासा करते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक नीलेश आनन्द भरणे (DIG Kumaon Nilesh Anand Bharne) तथा एसएसपी पंकज भट्ट (Nainital SSP Pankaj Bhatt) ने संयुक्त रूप से बताया कि क्षेत्र में लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जिसमें एक बाइक सवार संदिग्ध प्रतीत हुआ। जो कई कैमरों में दिखा। इसे आधार बनाकर पुलिस ने उसे किच्छा से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। इस पर पकड़े गये अभियुक्त अशरफ उर्फ भूरा निवासी किच्छा ने हत्या की बात कबूल ली।

वैल्डर अशरफ ने दो साल पूर्व किया था सिपाही शंकर के मकान में ग्रिल का कार्य
आरोपी अशरफ ग्रिल लगाने का कार्य करता हैं। अशरफ ने दो वर्ष पूर्व सिपाही शंकर बिष्ट के मकान में ग्रिल लगाने का कार्य किया था। अशरफ ने इसी का फायदा उठाते हुए सिपाही की अनुपस्थिति में उनके घर गया। उसको पता था कि बच्चें स्कूल गये होंगे और ममता घर पर अकेली होगी।

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अशरफ कर्जे में था डूबा, लूट के इरादे से ही की वारदात
वर्तमान में आरोपी अशरफ वर्तमान में आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिसके चलते उसके ऊपर काफी कर्जा हो गया था। उसी कर्जे को चुकाने को लेकर उसने लूट की योजना बनायी और इसके लिये उसने हल्द्वानी में सिपाही शंकर के घर को चुना। क्योंकि अशरफ उनके घर में ग्रिल लगाने का कार्य कर चुका था।

अशरफ ने सिपाही की पत्नी ममता के सिर पर पीछे से हथौड़ से वार कर की हत्या
पुलिस ने अनुसार गुरूवार को अशरफ लूट के इरादे से अपनी बाइक स्प्लैण्डर संख्या यूके 06-सी 8462 से सिपाही शंकर विष्ट की गैर माजूदगी में उनके घर में पहुंच गया। इस दौरान उसने अपनी मोटर साइकिल की पहचान बदल कर तथा नम्बर प्लेट पर कपड़ा बांधा हुआ था। वहां पहुंचने के बाद अशरफ ने ममता से पूर्व में उनके घर में लगाई रैलिंग की फोटो खींचने का बहाना बनाया और पीने का पानी मांगा। जैसे ही ममता किचन में पानी लेने गयी तो उसने जेब से हथौड़ा निकाल कर ममता के सिर पर पीछे से लगातार वार कर दिया और ममता को मौते के घाट उतार दिया। बाद में अशरफ घर से जेवरात व नगदी लूट कर फरार हो गया।

आरोपी से हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा, मोटर साइकिल, लूट के जेवरात व नगदी बरामद
पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किया है। आरोपी ने इस हथियार को घटना को अंजाम देने के बाद पंचायत घर के पास जंगल में छिपा दिया था। साथ ही पुलिस ने आरोपी की बाइक को भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से सोने का एक जोड़ी कान के झुमकें, लौकेट, मंगलसूत्र व तीन हजार रुपये की नगदी भी बरामद की है।

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हत्याकाण्ड का खुलासा करने वाली टीम पर इनामों की बौछार, पुलिस महानिदेशक ने दिया एक लाख
सिपाही की पत्नी ममता बिष्ट हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम पर इनामों की बौछार हुई है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार (Director General of Police Ashok Kumar) ने एक लाख रुपये, पुलिस उप महानिरीक्षक निलेश आनन्द भरणे (Deputy Inspector General of Police Nilesh Anand Bharene) ने 50 हजार, एसएसपी पंकज भट्ट (Nainital SSP Pankaj Bhatt) द्वारा 25 हजार रुपये पुलिस टीम को देने की घोषणा की, वहीं दूसरी ओर कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत (Kaladhungi MLA Banshidhar Bhagat) ने 21 हजार तथा हल्द्वानी मेयर डॉ0 जोगेंद्रपाल सिंह रौतेला (Haldwani Mayor Dr. Jogendra Pal Singh Rautela) ने 11 हजार रुपये देने की घोषणा की है।

खुलासा करने वाली प्रथम टीम: सीओ आपरेशन नैनीताल नितिन लोहनी के निकट पर्यवेक्षण में सीसीटीवी व संदिग्धों से पूछताछ कर रही थी उसमें उपनिरीक्षक राजवीर सिंह एसओजी प्रभारी, चौकी प्रभारी आम्रपाली अनिल कुमार, सोमेन्द्र सिंह, रविन्द्र राणा, दिनेश जोशी, कां0 एहसान अली, चंदन नेगी, भानुप्रताप, कुन्दन कठायत, त्रिलोक रौतेला, अशोक रावत, दिनेश नगरकोटी, इसरार नबी।
दूसरी टीम: सीओ भूपेन्द्र सिंह धौनी के निकट पर्यवेक्षण में संदिग्धों से पूछताछ कर रही थी प्रभारी साइबर सेल संजय कुमार, प्रभारी निरीक्षक हल्द्वानी हरेन्द्र चौधरी, उपनिरीक्षक कमित जोशी, कानि0 अनिल गिरी, घनश्याम रौतेला, बंशीधर जोशी।
वहीं तीसरी टीम जिसके द्वारा विवेचनात्मक कार्यवाही व आला कत्ल की बरामदगी की उसमें थानाध्यक्ष रमेश बोरा, आरटीओ चौकी प्रभारी प्रीति, उपनिरीक्षक बबीता थाना मुखानी प्रमुख थे।

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