हल्द्वानी सरस मेले में चाय बागान का मॉडल रहा आकर्षण का केंद्र

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समाचार सच, हल्द्वानी। सरस मेले में इस बार उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के स्टॉल ने लोगों का ध्यान खींचा है। खासतौर पर घोड़ाखाल चाय बागान का खूबसूरत मॉडल, जिसे विभाग की कर्मी श्रीमती प्रियंका जोशी ने तैयार किया है, मेले में आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल
इस मॉडल में ग्रामीण महिलाओं को चाय के बागानों में कार्य करते हुए दिखाया गया है, जो न केवल उत्तराखंड की चाय संस्कृति को दर्शाता है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए चाय विकास बोर्ड की पहल को भी सामने लाता है। चाय विकास बोर्ड ने मनरेगा योजना के तहत सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

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कुमाऊं और गढ़वाल में चाय उत्पादन का विस्तार
उत्तराखंड में चाय की खेती को बढ़ावा देने के लिए चाय विकास बोर्ड कुमाऊं और गढ़वाल के कई जिलों में चाय उत्पादन कर रहा है। यहां की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां उच्च गुणवत्ता वाली चाय उत्पादन के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। विभाग स्थानीय किसानों को चाय उत्पादन में सहयोग प्रदान कर रहा है और उन्हें आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित भी कर रहा है।

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हर्बल चाय को मिल रहा बढ़ावा
चाय विकास बोर्ड केवल पारंपरिक चाय तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर स्वाद और सेहतमंद विकल्प देने के लिए हर्बल चाय (Herbs Tea) का उत्पादन भी कर रहा है। इन हर्बल चायों में स्थानीय जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं।

सरस मेले में आए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यह स्टॉल उत्तराखंड की समृद्ध चाय परंपरा और चाय उत्पादन से जुड़े विकास कार्यों की झलक दिखाने का अवसर दिया है।

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