हरिद्वार पुलिस ने मानव तस्करों के चंगुल से दो सगी नाबालिग बहनों को छुड़ाया, धकेलने जा रहे थे देह व्यापार के धंधे में

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समाचार सच, हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने एक मामले का पर्दाफाश किया है, जिसमें दो सगी नाबालिग बहनों को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया है। इस मामले में एएचटीयू की टीम ने गिरोह के लीडर सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी उक्त दोनों बहनों को देह व्यापार के धंधे में धकेलने की तैयारी कर रहे थे।

यहां रोशनाबाद पुलिस कार्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने मामले का पर्दाफाश किया। मामले के मुताबिक, प्रयागराज से आई दो सगी बहनें हरिद्वार में रहने के लिए आई थीं। वहां पर आरोपी आलोक ने उन्हें नौकरी देने का झांसा दिया और उन्हें टिबड़ी में एक किराये के मकान में रख लिया। इसके बाद, आरोपी ने दोनों बहनों को जिस्मफरोशी के धंधे में धकेलने की तैयारी की। आरोपी ने जिस्मफरोशी की एवज में रोजाना 10 हजार मिलने की बात दोनों को कही। आरोपी की पत्नी उन्हें देह व्यापार में धकेलने के लिए कुछ लोगों से बात करने गई थी। बच्चियों की किस्मत अच्छी थी जो पुलिस को मामले की भनक लग गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी गैंग लीडर आलोक, प्रवीण, पूजा, रामकुमार, अनस, अनवर अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। जबकि मुख्य आरोपी की पत्नी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी आलोक साल 2006 से हरिद्वार में लड़कियों और महिलाओं को मानव तस्करी के लिए सप्लाई करने का काम कर रहा था। इसके अलावा, आरोपी पूजा आगे पैसे लेकर शादी करवाती थी और उन्हें बेचने का भी काम था। सभी आरोपियों को पुलिस की गिरफ्त में लिया गया है और मानव तस्करी के इस घिनौने अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

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Haridwar Police rescued two minor sisters from the clutches of human traffickers who were going to push them into prostitution.

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