समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। मुंह की बदबू यानी हेलिटोसिस लोगों के लिए शर्मनाक स्थिति हो सकती है, लेकिन कई मामलों में यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। मुंह की स्वच्छता न रखने से बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं जो मुंह की बदबू को बढ़ाते हैं। डॉ. के अनुसार दांतों पर खाने का बचा अवशेष, दांत और जीभ पर जमा प्लाक, कैविटी या मसूड़ों में सूजन की वजह से मुंह से बदबू आती है, लेकिन मुंह की बदबू के गैर-मौखिक चिकित्सीय कारण भी हो सकते हैं। मुंह से लगातार आने वाली बदबू निम्नलिखित बीमारियों का संकेत हो सकती है।
डायबिटीज
अध्ययनों में पाया गया है कि मुंह की गंध से डायबिटीज के शुरुआती लक्षण का पता लगाया जा सकता है। इस बीमारी में मसूड़ों से जुड़े रोग के जोखिम बढ़ते हैं जिससे मुंह से बदबू आती है। यदि किसी को डायबिटीज है तो मुंह से एसिटोन जैसी बदबू आ सकती है। यह खून में कीटोन का स्तर बढ़ने से होता है। डायबिटीज में शरीर में ग्लूकोज की कमी होने लगती है यानी शरीर को पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज न होने के कारण एनर्जी नहीं मिल पाती है। जब शरीर को शुगर से एनर्जी नहीं मिलती है तो वह एनर्जी के लिए फैट को बर्न करने लगती है। फैट को एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करने वाली प्रक्रिया को कीटोन्स कहते हैं. कीटोन में एसिटोन होता है जो कि वही तत्व होता है जिसे नेल पॉलिश रिमूवर में इस्तेमाल करते है। डायबिटीज के मरीजों के मुंह से यदि एसिटोन जैसी गंध आती है तो समझ लें कि खून में कीटोन्स का स्तर बढ़ गया है।
किडनी की बीमारी
किडनी की बीमारी से जुड़ा एक आम मौखिक लक्षण मुंह की बदबू है. ब्लड स्ट्रीम में यूरिया की मात्रा बढ़ने से कई लोगों में मुंह की बदबू की शिकायत हो सकती है। स्वस्थ किडनी यूरिया को फिल्टर करती है, लेकिन जब वे ऐसा करने में असमर्थ होती है, तो ऐसे में मुंह में बदबू पैदा करती है। किडनी रोग के कारण शरीर में मेटाबॉलिक बदलाव आने लगते हैं। इससे शरीर में ड्राय माउथ यानी मुंह सूखने की समस्या होती है, जिसने सांसों में बदबू आने लगती है।
फेफड़े, साइनस या वायुमार्ग में संक्रमण
फेफड़े, साइनस या वायुमार्ग में संक्रमण भी सांस की बदबू का कारण बन सकता है। फेफड़ों का संक्रमण होने पर जब बलगम बाहर निकलता है तो इससे मुंह से बदबू आ सकती है। ब्रोंकाइटिस तब होता है जब ब्रोन्कियल ट्यूब संक्रमित हो जाता है और सूज जाता है. इस स्थिति में गंभीर रूप से खांसी आने लगती है, जिसकी वजह से बलगम और सांस बदबूदार हो जाते हैं. निमोनिया भी फेफड़ों में जीवाणु या वायरल संक्रमण है। जब फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं, तो वायु की थैली फूल जाती है। यह कफ से भर जाती है और मुंह की बदबू का कारण बनती है।
लिवर की बीमारी
लिवर शरीर में ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। यदि लिवर ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो ब्लड स्ट्रीम में टॉक्सिन बन जाते हैं और मुंह से दुर्गंध आ सकती है। गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग (जीईआरडी) एक लंबे समय तक प्रभावित करने वाला पाचन संबंधी रोग है। यह तब होता है जब पेट में एसिड भोजन नली में वापस चला जाता है। इसके लक्षणों में अक्सर सीने में जलन, गले में गांठ का एहसास, छाती में दर्द, निगलने में कठिनाई, सूखी खांसी, आवाज बैठना आदि शामिल हैं।
भले ही आपने महंगे और अच्छे कपड़े पहन हुए हों और मेकअप भी परफेक्ट हो लेकिन मुंह की दुर्गंध आपकी इस अच्छी-खासी इमेज को मिनटों में बर्बाद कर सकती है।
अगर आपके मुंह से बदबू आ रही है तो न कोई आपके साथ बैठना पसंद करेगा और न ही बात करना. ऐसी स्थिति में आपका आत्मविश्वास भी डगमगा जाता है। कई बार ये खाने-पीने की वजह से होता है तो कई बार मुंह से जुड़ी कुछ बीमारियों की वजह से, पर अच्छी बात ये है कि इसे दूर करने के कुछ घरेलू और असरदार उपाय हैं। इनके इस्तेमाल से आप मुंह की बदबू को दूर कर सकती हैं और अपने दोस्तों संग एकबार फिर से हंस-बोल सकती हैं –
क्या हो सकते हैं कारण –
मुंह से दुर्गंध आने के प्रमुख कारणों में से एक कारण ये भी हो सकता है कि आपकी पाचन क्रिया सही नहीं है. जब आंतों में खाना सड़ने लगता है तो ये बदबू का कारण बन जाता है. कब्ज भी मुंह की दुर्गंध का कारण हो सकती है। इसके अलावा दांतों की सड़न, पायरिया या फिर दांतों और मसूड़ों की किसी बीमारी के चलते भी मुंह से बदबू आ सकती है।
घरेलू नुस्खों से करें मुंह की बदबू का इलाज
दांतों की सही सफाई
किसी भी उपाय को करने से पहले ये सबसे जरूरी है कि आप अपने दांतों को दिन में दो बार अच्छी तरह ब्रश करके साफ करे। टंग क्लीनर से जीभ को साफ करना भी जरूरी है। खाने-पीने की वजह से जीभ पर एक परत जमती जाती है, जो बदबू का कारण बन सकती है।
कहीं कोई बीमारी तो
दांत की बदबू का इलाज कराने से पहले ये भी तय कर लें कि बदबू का कारण कहीं कोई गंभीर बीमारी तो नहीं। वरना उपाय से आपकी बदबू तो कम हो जाएगी लेकिन दांत खराब होते रहेंगे और जिस बीमारी को रोका जा सकता था वो बढ़ जाएगी।
ग्रीन टी के इस्तेमाल से
ग्रीन टी के इस्तेमाल से मुंह की बदबू को कम किया जा सकता है. इसमें एंटीबैक्टघ्रिियल कंपोनेंट होते हैं जिससे दुर्गंध दूर होती है।
खूब पानी पिएं
पानी पीने से मुंह फ्रेश बना रहता है और दांत में फंसे खाने के तत्व निकल जाते हैं। जिससे मुंह में खाना सड़ता नहीं है। मुंह बार-बार साफ होता रहता है जिससे दुर्गंध नहीं आती है।
अनार की छाल
अनार के छिलके को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ला करने से मुंह की बदबू दूर हो जाती है।
सूखा धनिया
सूखा धनिया भी एक अच्छा माउथफ्रेशनर है। इसे मुंह में रखकर चबाने से मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है।
तुलसी की पत्तियां
तुलसी की पत्ती चबाने से भी मुंह की बदबू दूर हो जाती है। साथ ही मुंह में अगर कोई घाव है तो तुलसी उसके लिए भी फायदेमंद है।
सरसों के तेल और नमक से मसाज
हर रोज दिन में एक बार सरसों के तेल में चुटकीभर नमक मिलाकर मसूड़ों की मसाज करने से मसूड़े स्वस्थ रहते हैं और बदबू पनपने का खतरा भी कम हो जाता है।
लौंग और सौंफ के सेवन से
मुंह में लौंग रखकर चूसने से बदबू तो कम होती है ही साथ ही दांतों के दर्द में भी ये रामबाण उपाय है। सौंफ चबाने से भी मुंह की दुंर्गंध दूर हो जाती है।
अमरूद की पत्तियां
अमरूद की कोमल पत्तियों को चबाने से भी मुंह की दुर्गंध पलभर में दूर हो जाती है।



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