समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण हमें कई बीमारियों ने अपने कब्जे में कर लिया है। बार-बार अनदेखा करने से ये बीमारियां गंभीर रूप भी ले सकती हैं। इन्हीं गंभीर बीमारियों में से एक है एसिडिटी।
ऐसे बनती है एसिडिटी
अधिकतर लोग समझते हैं कि एसिडिटी खाना खाने से बनती है, लेकिन ऐसा नहीं है। सामान्य तौर पर रोटी-सब्जी, दूध व फल खाने से एसिडिटी की समस्या नहीं होती। यह समस्या तब होती है, जब आप अधिक मात्रा में कुछ भी खा लेते हैं या गरिष्ठ व तला-भुना भोजन करते हैं। मोटापा कम करने के चक्कर में खाली पेट रहने से भी एसिडिटी की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा एक लंबे अंतराल के बाद खाना खाना या अधिक मात्रा में चाय, धूम्रपान व शराब का सेवन करना एसिडिटी के मुख्य कारण हैं।
हैं अनेक घरेलू उपचार
ऐसे करें इस्तेमाल
पेट में गड़बड़ी महसूस होते ही तुलसी की कुछ पत्तियों को तुरंत चबाकर खाएं। या फिर एक कप पानी में चार-पांच तुलसी की पत्तियों को डालकर उबालें और कुछ मिनट के लिए ठंडा होने दें। अब इसमें स्वादानुसार शहद मिलाकर पी जाएं।
लौंग
लौंग एक पारंपरिक आयुर्वेदिक दवा है। भारतीय खाने में इसकी खास जगह है। इसे खाने में डालने से खाने का स्वाद बढ़ जाता है। इसमें आपके स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के कई गुण शामिल होते हैं। इसमें वातहर नामक गुण होता है, जो पेट की गैस व एसिडिटी को झट से खत्म करने में मदद करता है।
ऐसे करें इस्तेमाल
खाना पकाने में इसका इस्तेमाल जरूर करें। इसके अलावा एसिडिटी से तुरंत राहत के लिए दो-तीन लौंग लें और खूब चबा-चबाकर खाएं। अगर आपको यह कड़वी लग रही है तो इसे इलायची के साथ कूटकर खाएं। एसिडिटी खत्म करने के साथ-साथ यह मुंह की दुर्गंध से भी छुटकारा दिलाती है।
दालचीनी
दालचीनी एक ऐसा मसाला है, जो नेचुरल एंटैसिड (प्राकृतिक अम्लत्वनाशक) के रूप में काम करता है। एसिडिटी को खत्म करने व पाचन-तंत्र को दुरुस्त रखने में यह बेहद फायदेमंद है।
ऐसे करें इस्तेमाल
एक कप पानी में आधा चम्मच दालचीनी मिलाएं। अब इस पानी को कुछ मिनट उबालें। फिर इस दालचीनी की चाय का सेवन दिन में दो से तीन बार करें।
जीरा
वैसे तो दाल-सब्जी छौंकने में आप जीरे का इस्तेमाल करते ही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटा-सा दिखने वाला यह जीरा बड़े काम का होता है। पेट में जाकर यह एसिड न्यूट्रालाइजर का काम करता है। एसिडिटी से तुरंत राहत पाने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। पाचन क्रिया को सही करने के साथ-साथ पेट दर्द में भी यह आराम देता है।
ऐसे करें इस्तेमाल
दो चम्मच जीरा लें और भूनकर पीस लें। अब इस चूर्ण को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पी लें या फिर चूर्ण को ऐसे ही फांक लें और फिर गुनगुना पानी पी लें। इसके अलावा आप जीरे को पानी में उबालकर भी सेवन कर सकते हैं। इसके लिए एक कप पानी में एक छोटा चम्मच जीरा डालें और लगभग 10 मिनट तक उबालें। अब इस पानी को छानकर पी लें।
सौंफ
एसिडिटी को रोकने के लिए आप खाने के तुरंत बाद सौंफ भी खा सकते हैं। पेट को स्वस्थ बनाए रखने में यह बेहद मददगार साबित होती है। इसमें वातहर गुण मौजूद होता है, जो गैस की समस्या से छुटकारा दिलाता है। साथ ही सांसों में ताजगी बनाए रखता है।
ऐसे करें इस्तेमाल
खाना खाने के बाद सौंफ के कुछ बीजों को चबाकर खाएं या एक कप पानी में दो चम्मच सौंफ डालकर उबाल लें और फिर इस पानी को छानकर पी लें।
केला
केला एसिडिटी से लड़ने में सबसे ज्यादा ताकतवर होता है। इसमें एंटी एसिड नामक गुण मौजूद होते हैं।
ऐसे करें इस्तेमाल
ज्यादा पका केला एसिडिटी के लिए अच्छा होता है। आप इसे खाने से पहले या बाद में खा सकते हैं।
अदरक
खासतौर पर अदरक का इस्तेमाल चाय में किया जाता है। बरसात और सर्दियों के मौसम में यह सबसे ज्यादा काम आता है। जुकाम व खांसी से राहत देने के साथ-साथ यह पेट के रोगों को दूर करने में भी असरदायक होता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण एसिडिटी से तुरंत राहत देता है।
ऐसे करें इस्तेमाल
पेट में गैस होने पर अदरक के टुकड़ों को चबाकर खाएं या फिर अदरक को कूटकर पानी में डालें और दस मिनट तक उबालें। फिर पानी को छानकर पी लें। इसके अलावा एक चम्मच ताजे अदरक का रस निकालकर दिन में दो बार पी सकते हैं।
गुड़ भी है फायदेमंद
क्या आप जानते हैं कि खाने के बाद गुड़ का सेवन करने की सलाह क्यों दी जाती है, क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो आंतों की शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही इसमें एल्कलाइन (क्षारीय) गुण भी मौजूद होता है, जो एसिडिटी को कम करने के साथ-साथ पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है। रोज खाना खाने के बाद एक छोटा-सा गुड़ का टुकड़ा जरूर खाएं।



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