समाजसेवा में भी ढूंढी जा रही है स्वहित के निहितार्थ

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समाचार सच, हल्द्वानी (धीरज भट्ट)। आपदा के समय किसी जरूरतमंद की भलाई या उन्हें कोई वस्तु का दान करना श्रेष्ठ कार्यों में शुमार होता है। वहीं समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो सेवा में भी स्वहित व सियासी निहितार्थ ढूंढने में पीछे नहीं रहते हैं।

कोरोना बीमारी से इस समय देश में लॉकडाउन हुआ है। इससे देश की सड़कों पर आने-जाने वाले लोगों की सेवा में भी लोग निस्वार्थ भाव से लगे रहे, वहीं निर्धन व जरूरतमंद लोगों के लिए समाज सेवियों ने दिल खोलकर दान किया। इधर हल्द्वानी में भी यही सेवाभाव समाजसेवियों में देखा गया।

हॉलाकि इन समाजसेवियों में कुछ ऐसे महानुभाव या लोग हैं, जो अपने निहित स्वार्थ के चलते सेवा में भी स्वहित व सियासी निहितार्थ ढूंढने में पीछे नहीं रहते हैं। गौरतलब है कि इन समाजसेवियों में अधिकतर वे लोग हैं, जो या तो वर्तमान में सियासत हैं, या भविष्य में सियासत में जाने का मन बना रहे हैं। देखने में आ रहा है कि इनमें से कुछ लोग भोजन बॉट रहे हैं, तो कोई मास्क और सेनिटाइजर बॉट रहे हैं, कोई सेनिटाइजिंग का छिड़काव कर रहे हैं। इसके अलावा लोगों को अन्य जरूरी सामान भी बांटा जा रहा है। हॉलाकि सियासत में रहकर भी समाज सेवा की जा सकती है, लेकिन समाजसेवा की आड़ में सियासी निहितार्थ ढूंढना शायद ठीक नहीं है।

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सोशल मीडिया पर छाये समाज सेवी
हल्द्वानी।
नेकी कर और कुएं में डाल यह उक्ति शायद वर्तमान में अपना प्रभाव खो चुकी है। आजकल समाजसेवी कुछ भी कार्य करते है तो उसकी फोटो फेसबुक, व्हाटसएप और पेपरों में छपवाने से बाज नहीं आते, ऐसे समाजसेवी अक्सर मीडिया दफ्तरों में ज्ञापन देते देखे जाते है।

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छपास प्रेमी भी बने समाजसेवी
हल्द्वानी।
बहती गंगा में आजकल हर कोई हाथ धोने को बेताब है। कुछ छपासप्रेमी भी आजकल समाजसेवा में लगे हुए हैं। यह लोग अपनी हर गतिविधियों को सोशल मीडिया, इलैक्ट्रानिक मीडिया व प्रिन्ट मीडिया पर छपाते रहते है और अपनी सेवा का बखान करने से थकते नहीं है।

काश! इनसे लिया होता सबक
हल्द्वानी। भारत में दधीचि, कर्ण, राजा शिवि जैसे दानवीर हुए हैं। वहीं मदर टेरेसा, बाबा आक्टे, विनोबा भावे जैसे समाजसेवी हुए हैं। इसके अलावा वर्तमान में टाटा, प्रेम अजीज जैसे अनेके समाजेसवी है, जो कार्यों पर अधिक, छपास पर ध्यान कम देते हैं। इधर समाजसेवी थोड़ा सा रिएक्ट भी करते हैं, तो तुरन्त सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वह रिएक्ट वायरल कर देते हैं या प्रिन्ट व इलैक्ट्रनिक मीडिया में प्रसारित कर देते हैं।

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