मासिक वेतन और अन्य समस्याओं को लेकर आशा वर्कर्स का अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

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हल्द्वानी में महिला अस्पताल के गेट पर दिया धरना

समाचार सच, हल्द्वानी। मासिक वेतन और अन्य समस्याओं को लेकर आशा वर्कर्स का अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार हड़ताल शुरू हो गयी है। सोमवार को ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा वर्कर्स ने हल्द्वानी में महिला अस्पताल के गेट पर धरना देकर राज्य सरकार को जमकर कोसा। आपको बता दें कि आशाओं को मासिक वेतन और अन्य समस्याओं का समाधान करने के लिए चल रहा आंदोलन राज्य की भाजपा सरकार की उदासीनता और असंवेदनशील रवैये के चलते पूर्व घोषित अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार के चरण में पहुंच गया है।

धरने में बैठे आशा नेताओं का कहना था कि लंबे समय से काम के बदले मानदेय फिक्स करने की लड़ाई लड़ रही आशाओं को आंगनबाड़ी की तरह मानदेय फिक्स किया जाय और अन्य मांगों पर ध्यान दिया जाय। यूनियन के प्रदेश महामंत्री डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि सेवा के नाम पर आशाओं का शोषण कब तक चलेगा? उत्तराखण्ड में हक़, सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई अब आरपार के चरण में पहुंच गई है। पूरे राज्य में अब एक साथ एक स्वर में आंदोलन चल रहा है। अपने वेतन और सम्मान के लिए आशा वर्कर तब तक सड़कों पर रहेंगी जब तक सरकार मासिक वेतन की घोषणा नहीं कर देती।

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यूनियन की हल्द्वानी नगर अध्यक्ष रिंकी जोशी ने कहा कि प्राथमिक रूप से मातृ शिशु सुरक्षा के लिए तैनात की गई आशाओं को आज कोविड से लेकर पल्स पोलियो, टीकाकरण, परिवार नियोजन, डेंगू, मलेरिया, ओआरएस बांटने और तमाम सर्वे व अभियानों में लगाया जा रहा है। आशाओं के पास अपने परिवार तक के लिए फुर्सत नहीं है लेकिन सरकार एक रुपया भी मासिक वेतन के नाम पर नहीं दे रही है। भगवती बिष्ट ने कहा कि अब आशाओं की सहनशीलता की और परीक्षा न ले सरकार। क्या किसी भी अन्य कर्मचारी से बिना मानदेय के काम ले सकती है सरकार? तब आशाओं से बिना वेतन या मानदेय के काम क्यों लिया जा रहा है, इस बात का जवाब दे सरकार।

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कार्यबहिष्कार धरने में रीना बाला, सरोज रावत, भगवती बिष्ट, रजनी देवी, मंजू आर्य, शांति शर्मा, बीना उपाध्याय, कमला बिष्ट, दीपा जोशी, भवानी सुयाल, सुनीता भट्ट, अंजना, भगवती पाण्डे, शाहीन अख्तर, बसंती बिष्ट, प्रियंका सक्सेना, दीपा बिष्ट, अर्शी, धना मेहता, मंजू रावत, पुष्पा आर्य, बबीता, माया टंडन, निर्मला चंद, किरन पलडिया, पुष्पा राजभर, मनीषा आर्य, अनिता सक्सेना, गीता, आशा, पुष्पा, प्रेमा, राबिया, सलमा, गंगा तिवारी, सरस्वती आर्य, लीला परिहार, चम्पा परिहार, आनंदी, शला खान, जानकी डसीला, तबस्सुम जहाँ, मीना, शाइस्ता, जाहिदा, हेमा दुर्गापाल, सुनीता मेहरा, बबिता आर्य, खष्टी जोशी, सुधा जायसवाल, बिमला तिवारी, लता तिवारी, पुष्पा देवी, शोभा, हंसी फुलारा, ममता लटवाल सहित सैकड़ों की संख्या में आशा वर्कर्स मौजूद रहीं।

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