समाचार सच, देहरादून। देहरादून मे इस्कान मंदिर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर भागवत कथा और हवन करके गीता जयंती भी मनाई गई तथा करोना से लडने का मंत्र दिया गया। आज से लगभग 5200 वर्ष पूर्व इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का और यही गीता का उपदेश श्रष्टी के प्रारंभ मे सूर्य देव ने विश्वान को दिया था। जो समय के साथ लुप्त हो गया था। इसलिए संसार मे धर्म की स्थापना के लिए अर्जुन महाराज के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की स्थापना की। इसलिए इस्कान पूरे विश्व मे लगभग सभी भाषाओं मे इस भगवत गीता के ज्ञान को वितरित करता है। इस्कान के संथापक आचार्य श्रीला प्रभुपाद ने पूरे विश्व को गीता के ज्ञान से अवगत कराया। उन्ही कि कॄपा से उनके शिष्य द्वारा देहरादून के औल्ड मसूरी रोड पर इस्कान की स्थापना की। यहाँ पर पिछले कई वषो जगदीश हरि प्रभु प्रयास रत थे। उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की नौकरी का त्याग कर युवाओं के कल्याण के लिए अपना जीवन लगा दिया। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ के मंदिर का उद्घाटन किया गया। बालयोगी प्रभु ने भगवान जगन्नाथ के प्रकाटय की कथा से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। जगदीश हरि प्रभु ने हरि कीर्तन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि बोबी साइन, डाक्टर अभय श्रीवास्तव, गहलोत माता, निताय प्रभु, केली परायण, श्याम प्रभु, विवेक प्रभु, पत्रकार अनिल मित्तल मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वॄदावन से आये दीन दयाल प्रभु ने किया। इस अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। साथ ही प्रसाद का वितरण किया गया।
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