जानें क्यों नीट यूजी परीक्षा को लेकर हो रहा विवाद? रिजल्ट को लेकर कटघरे में एनटीए, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

खबर शेयर करें

समाचार सच, नई दिल्ली (एजेंसी)। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2024 का रिजल्ट 4 जून को जारी किया गया था। रिजल्ट में 67 कैंडिडेट्स ने टॉप किया था। अधिकतर स्टूडेंट्स को 100 प्रतिशत मार्क्स मिले जिसको लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। नीट यूजी परिणाम को लेकर खड़ा हुआ बवाल अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस परीक्षो का आयोजित करने वाली संस्था एनटीए सवालों के घेरे में है। परीक्षा की न्यायिक जांच की मांग के लिए मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा है।

नीट यूजी एग्जाम के रिजल्ट पर सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि इस परीक्षा में बैठने वाले ज्यादा कैंडिडेट्स को 720 में से 720 मार्क्स मिले हैं। इसके अलावा ऐसे भी स्टूडेंट्स की संख्या बहुत अधिक है जिन्हें 718 और 719 नंबर्स मिले हैं। इस परीक्षा के बारे में अच्छी समझ रखने वाले एक्सपर्ट का यही मानना है कि इस एग्जाम में इतने स्टूडेंट्स का ऐसे नंबर्स लाना असंभव था। इस परीक्षा के खिलाफ दो याचिका हाई कोर्ट में और एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई। सुप्रीम कोर्ट ने रिजल्ट जारी करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इन याचिकाओं में पेपर को दोबारा कराने की बात कही गई है।

यह भी पढ़ें -   अंतरशक्ति योग स्टूडियो द्वारा आयोजित योग शिविर में सभी ने किया योगाभ्यास

बता दें कि नीट परीक्षा पर सवाल इसलिए भी खड़े हो रहे हैं क्योंकि इस साल 67 स्टूडेंट्स ने इस परीक्षा को टॉप किया। इन सभी कैंडिडेट्स ने ऑल इंडिया नंबर 1 रैंक हासिल की है जबकि पिछले साल सिर्फ 2 टॉपर रहे थे। वहीं 2022 में 3 और 2021-2020 में 1-1 स्टूडेंट ने ही इस परीक्षा को टॉप किया था। बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस ने 6 जून को यह बताया था कि जिन 67 स्टूडेंट्स ने नीट यूजी में टॉप किया है उनमें से 44 को बेसिक फिजिक्स में एक गलत सवाल के जवाब में ग्रेस मार्क्स देकर आगे बढ़ाया गया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि एनसीआरटी की कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक के पुराने संस्करण में एक गलती थी।

यह भी पढ़ें -   विद्युत कटौती पर व्यापारियों का फूटा गुस्सा, ईई को घेरा, कहा-जल्द व्यवस्था दुरूस्त न होने पर होगा उग्र आंदोलन

एनटीए द्वारा 29 मई को जारी की गई फाइनल आंसर की में उम्मीदवारों को दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुना गया था, लेकिन 13000 से अधिक उम्मीदवारों ने इस आधार पर कुंजी को चुनौती दी कि पाठ्यपुस्तक में ऐसी जानकारी थी जो एक अलग उत्तर की ओर इशारा करती थी। एनटीए के एक अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इन छात्रों को दंडित नहीं करने का निर्णय लिया गया था “क्योंकि हम दृढ़ता से सभी उम्मीदवारों को उनकी नीट की तैयारी के लिए केवल एनसीआरटी पाठ्यपुस्तकों से अध्ययन करने की सलाह देते हैं”।

Ad Ad Ad Ad Ad
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440