समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। महिलाओं को अपने संपूर्ण जीवनकाल में कई तरह की शारीरिक परेशानियों सो गुजरना पड़ता है। जिसमें पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम भी एक समस्या है। आज के समय में महिला जनसंख्या में से 6-10 प्रतिशत महिलाएं इसकी चपेट में आती हैं। यह महिलाओं को होने वाली आम बीमारी है। और किसी भी वर्ग की महिला या लड़कियों को हो सकती हैं। हमारी फिल्म इंडस्ट्री में भी बहुत फेमस एक्ट्रेस इस समस्या से जूझ रही हैं और उन्होंने इसे लेकर अपने अनुभव भी शेयर किए हैं। ऐसे में आज हम आपको इस पीसीओएस और इससे बचने के उपायों के बारे में बतने जा रहे हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स में हो रही है इस तरह की परेशानी तो नहीं करें नजरअंदाज, आगे चलकर बढ़ेगी मुश्किलें।
क्या है पीसीओएस
पीसीओडी एक ऐसी बीमारी है जो आजकल महिलाओं में बेहद ही आम पाई जाती है. पीसीओडी में, हार्माेनल असंतुलन के कारण ओवरी में छोटी-छोटी गांठ या मल्टीपल सिस्ट बन जाते हैं। जिससे बॉडी मेल हार्माेन की मात्रा बढ़ने लगती है जिसके कारण मुंहासे और चेहरे के बाल बढ़ने लगते हैं। इस समस्घ्या के चलते लड़कियां को पीरियड्स में भी कई तरह की प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ता है। कहा जाता है कि पीसीओडी का सबसे बड़ा कारण आजकल की व्यस्त और अन्हेल्दी लाइफस्टाइल है।
इससे बचने के घरेलू उपाय –
-जीवनशैली में बदलाव लाया जाए तो इस समस्या को होने से रोका जा सकता है। सही डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद लेकर आप खुद को हेल्दी भी रखें इससे आपकी प्रजनन क्षमता में भी सुधार आता है।
-अगर आपने सूर्यनमस्कार आसन को करना सीख लिया, तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। यह एकमात्र ऐसा आसन है, जिसे करने से पूरा शरीर फिट हो जाता है और अंदरूनी अंग बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं।
-पालीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में वजन तेजी से बढ़ता है। अतः मेथी का सेवन करें। मेथी शरीर में ग्लूकोज के चयापचय को बढ़ावा देती है और इंसुलिन को बढ़ने से रोकती है। मेथी के बीजों को रात को पानी में भिगो दें तथा खाली पेट एक चम्मच भीगे हुए बीजों को शहद के साथ लें।
-आयुर्वेदिक चिकित्सा में परंपरागत रूप से कई बीमारियों के इलाज में अश्वगंधा का उपयोग किया जाता है। यह एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो मधुमेह से लेकर अवसाद तक की कई स्थितियों का इलाज करती है। यह शरीर के हार्माेन को बैलेंस करके पीसीओएस को कंट्रोल करती हैै।
-तेज चलने वाली एक्सरसाइज जैसे ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग करने या योगासन आदि करने से वजन कम होकर इसमें आराम मिलता है।
-तेज मिर्च मसाले वाले, तला हुआ, अधिक चिकनाई वाला खाना नहीं खाना चाहिए। इसकी बजाय फल, बीन्स, बादाम, अखरोट आदि नट्स, हरी सब्जी, चोकर युक्त आटा आदि फाइबर वाला खाना फायदेमंद साबित होता है।
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