मलमास श्रावण मास 2023: मलमास में भूलकर भी ना करें तुलसी से जुड़ी ये गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान विष्णु

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Malmas Shravan Month 2023: Do not do these mistakes related to Tulsi even by mistake in Malmas, Lord Vishnu may get angry

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सनातन धर्म में मलमास विशेष स्थान रखता है. इस दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्यक्रम या आयोजन वर्जित माना गया है। मलमास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। इस बार सावन के महीने में ही अधिक मास यानी मलमास पड़ रहा है, जो हर 19 साल में यह संयोग बनाता है। आज यानी 18 जुलाई 2023 से मलमास आरंभ हुआ है, जो 16 अगस्त 2023 तक चलेगा। इसे पुरुषोत्तम मास और अधिक मास के नाम से भी जाना जाता है। इस दौरान तुलसी से जुड़ी कुछ चीजों को करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से वह क्या बातें हैं, जिनका ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

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ना करें ये गलतियां

तुलसी को ना करें स्पर्श
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मलमास में यदि आप शाम के समय तुलसी के पौधे की पूजा करते हैं तो भूल कर भी इसे स्पर्श ना करें। ऐसा करने से माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं।

पत्ते तोड़ते समय रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि आप तुलसी के पत्ते तोड़ते हैं तो इन्हें नाखून के सहारे ना तोड़ें। तुलसी तोड़ने के लिए हमेशा अपनी रिंग फिंगर और अंगूठे का उपयोग करें। इन्हें तोड़ते समय झटके से ना तोड़ें तुलसी को आराम से तोड़ना चाहिए।

वस्त्र बदलने का विधान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी पूजा के समय बहुत से लोग देवी तुलसी को चुनरी ओढ़ाते हैं परंतु उसे बदलते नहीं है। जबकि सभी देवी-देवताओं के जैसे तुलसी को ओढ़ाई गई चुनरी भी बदलना चाहिए।

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जरूर करें परिक्रमा
धार्मिक शास्त्रों में बताया गया है कि जब भी तुलसी की पूजा करें उसके बाद कम से कम तीन परिक्रमा अवश्य करें। बहुत से लोग तुलसी की पूजा करने के बाद परिक्रमा नहीं करते, परंतु इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

इस दिन ना करें जल अर्पित
पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु भले ही योग निद्रा में रहते हैं लेकिन इस दौरान उनकी पूजा करने का विशेष फल प्राप्त होता है। कहते हैं रविवार और एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे भगवान विष्णु के निमित्त निर्जला उपवास रखती हैं। ऐसा करने से उनका व्रत टूट सकता है। जिससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी नाराज हो सकते हैं।

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