Manglic dosh

28 वर्ष की उम्र के बाद मंगल दोष, क्या है इसके उपाय…

खबर शेयर करें

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। जब किसी कुण्डली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल होता है तब मंगलिक दोष लगता है। इस दोष को विवाह के लिए अशुभ माना जाता है। आओ जानते हैं इस संबंध में खास जानकारी।

  1. लाल किताब के अनुसार दो तरह के मंगल होते हैं मंगलबद और मंगलनेक। मंगलबद अर्थात बुरा मंगल और मंगलनेक अर्थात अच्छा मंगल। बुरे मंगल से व्यक्ति के जीवन में बुरा ही होता है और अच्छे से अच्छा। कहते हैं कि मंगलबद वाला व्यक्ति क्रोधी, जिद्दी और अपराधी प्रवृत्ति का होता है। मंगलनेक वाला व्यक्ति समझदार, साहसी और उच्चपद प्राप्त होता है।
  2. मान्यता है कि 28 वर्ष की उम्र के बाद मंगल दोष स्वतः ही समाप्त हो जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यदि केंद्र में चंद्र है तो मंगल दोष नहीं माना जाएगा। मंगल परिहार की ओर भी कई स्थितियां हैं।
  3. ज्योतिष विद्या के अनुसार मंगल लड़की का विवाह मंगल लड़के से ही करना चाहिए लेकिन मंगल और शनि का मिलान हो अर्थात लड़की की कुंडली में शनि भारी हो तो मंगल दोष समाप्त हो जाता है। लेकिन लाल किताब के अनुसार मंगल और शनि का मिलान नहीं होता है।
  4. लाल किताब के अनुसार मंगल का असर आंखों और खून में होता है। इसलिए इनको अच्छा करना जरूरी है। इसके लिए आंखों में सफेद सूरमा लगाएं और हमेशा पेट साफ रखें। इससे खून भी साफ रहेगा। सफेद सुरमा नहीं मिले तो काला सूरमा लगाएं। खासकर मंगलवार और शनिवार को जरूर सूरमा लगाकर रखें। ऐसा आप कम से कम 43 दिन तक करें। सुरमा लगाने से जहां व्यक्ति किसी की नजर से बच जाता है वहीं उसकी आंखें भी तंदुरुस्त रहती हैं।
  5. तीस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। दो तीन माह में एक बार हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। प्रति मंगलवार और शनिवार को हनुमान मंदिर में जाकर दीपक या धूप जरूर जलाएं। हनुमानजी के शरण में रहे से मंगल ही नहीं शनि, राहु और केतु के दोष भी समाप्त हो जाते हैं।
  6. मांस खाना छोड़ दें। कभी कभार खाते हैं तो भी छोड़ दें। घर से बाहर निकलते समय गुड़ खाना चाहिए। गुड़ खाएं और खिलाएं। इससे खून साफ होगा। खून साफ होगा तो मंगल दोष भी समाप्त हो जाएगा। गुड़ और चले का सेवन करें और इन्हें हनुमान जी को चढ़ाएं।
  7. लाल किताब के अनुसार भाई छोटा हो या बड़ा, सौतेला हो या सगा आपका भाई मंगल है। भाई को खुश रखेंगे तो मंगल सही रहेगा। भाई से दुश्मनी अर्थात मंगल खराब। इसलिए हमेशा अपने भाई का ध्यान रखें। छोटा है जो उसकी गलतियों को क्षमा करने उसे प्यार से समझाएं और बड़ा है तो उससे मुहंजोरी ना करें।
  8. मंगल की दिशा पश्चिम है। घर के दक्षिण में नीम का पेड़ लगाएं। पेड़ नहीं लगा सकते हैं तो नीम के पेड़ में हर मंगलवार को जल चढ़ाएं।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440

Leave a Reply

Your email address will not be published.