समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि इस साल यानि कि 2020 में मलमास लग जाने के कारण शारदीय नवरात्रि पूरे एक महीने की देरी से शुरु होने जा रहा है। वहीं, हमारे हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल पितृपक्ष के समाप्ति के दूसरे दिन से ही शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाया करती है लेकिन इस बार अधिक मास या यूं कहे कि मलमास होने के कारण पितरों की विदाई के बाद भी नवरात्रि का त्योहार शुरु नहीं हो पाया है।
हिंदू धर्म में नवरात्रि का महत्व बहुत अधिक होता है। नवरात्रि के नौ दिन बहुत खास होते हैं, क्योंकि यह वही नौ दिन होते हैं, जब सभी लोग मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की सच्चे मन से पूजा व आराधना करते हैं। बता दें कि नवरात्रि के पहले दिन यानि कि घट स्थापना के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत हो जाती हैं व साथ ही विभिन्न पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा भी स्थापित करते हैं और मां शक्ति की आराधना की जाती है।
क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि पर मां दुर्गा के धरती पर आगमन का विशेष महत्व होता है। हालांकि देवीभागवत पुराण की मानें तो नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का आगमन हमारे भविष्य में होने वाली घटनाओं के संकेत के रूप में भी दर्शाता है। जान लें कि हर साल नवरात्रि में देवी दुर्गा का आगमन अलग-अलग वाहनों में सवार होकर आती हैं और उसका अलग-अलग महत्व भी होता है।
सोमवार और रविवार
ध्यान रहें कि नवरात्रि की शुरुआत अगर सोमवार या फिर रविवार के दिन होती है तो समझ जाए कि मां दुर्गा अपने पूरे परिवार के साथ हाथी पर सवार होकर आएंगी।
शनिवार और मंगलवार
वहीं, अगर मां दुर्गा शनिवार और मंगलवार के दिन धरती पर आती है या यूं कहे कि नवरात्रि का पहला दिन होता है, तो जान लें कि मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आती हैं।
गुरुवार और शुक्रवार
कहते हैं कि नवरात्रि की शुरुआत आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि पर होती है, तो मां दुर्गा डोली की सवारी करते हुए धरती पर भक्तों को आशीर्वाद देने आती हैं।
बुधवार
साथ ही अगर मां दुर्गा बुधवार के दिन धरती पर आगमन करती हैं, तो कहा जाता है कि माता नाव की सवारी करते हुए धरती पर आती हैं।
शारदीय नवरात्रि 2020 की शुरुआत 17 अक्टूबर से हो रही
इस साल यानि कि 2020 में शारदीय नवरात्रि करीब एक महीने की देरी से शुरु हो रही है और यह खास दिन है 17 अक्टूबर जो कि शनिवार का दिन है। और शनिवार के दिन नवरात्रि का पहला दिन होने के कारण यह साफ है कि इस दुर्गा पूजा पर माता धरती पर घोड़े की सवारी करते हुए आएंगी।
बताते चलें कि देवी भागवत पुराण के अनुसार जब माता दुर्गा नवरात्रि पर घोड़े की सवारी करते हुए आती हैं तब पड़ोसी से युद्ध, गृह युद्ध, आंधी-तूफान और सत्ता में उथल-पुथल जैसी गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी रहती है।
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