समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। वैसे तो भारत में मिलने वाला हर मसाला किसी दवा से कम नहीं इसे सब खाने में इस्तेमाल किया जाता हैं बल्कि इसके कई और गुण भी हैं इसमे से एक मसाला हैं दालचीनी, जो हर भारतीय की रसोई में पाया जाता हैं जो किसी दवा से कम नहीं। जी हां दालचीनी के लाभ व गुण कुछ ऐसे हैं जिसे जानकर आप चौक जायेंगे।
इसे खाने से ना ही आप स्वस्थ रहेंगे बल्कि इससे बहुत सारी बीमारी का इलाज भी किया जा सकता हैं। जितने भी तरह के दालचीनी होते हैं उनमे कूमेरिन नामक रसायन होता है जो लिवर के खराब होने से बचता हैं।
दालचीनी के 10 महत्वपूर्ण फायदे सहद के साथ-
दालचीनी एक किस्म का मसाला होता हैं जो खाने में स्वाद को बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाता है। दालचीनी एक खास तरह की लकड़ी होती है जो औषधिय गुणों से भरपूर होती है। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदत करता है और हार्ट अटैक जैसे खतरे को भी कुछ हद तक टाल देता हैं। बाजार में लाने से पहले दालचीनी को इसके पेड़ से निकालकर और फिर इसे सुखाकर बेचा जाता है।
यह दालचीनी सिनेमामम नाम के पौधे के तने और शाखाओं की अंदरूनी छाल (परत) होती है। यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है अगर सही मात्रा में इसका सेवन किया जाए। नहीं तो यह फायदे की जगह नुकसान भी कर सकता है।
दालचीनी दो तरह की होती हैं आमतौर पर हम एक ही तरह के दालचीनी के बारे में जानते हैं जिसका इस्तेमाल दाल और सब्जी तैयार करने में किया जाता है। लेकिन दालचीनी खास दो तरह की होती है। इन दोनों में सिर्फ स्वाद का अंतर होता हैं।
ज्यादातर लकड़ी के रंग जो दालचीनी हमारे घरों में इस्तेमाल होती है, उसका स्वाद सबसे ज्यादा तीखा होता है। इसे रेग्युलर सिनमन या कैशीअ नाम से जाना जाता है।
दूसरी तरह की दालचीनी को सीलोन नाम से जाना जाता है। इसका स्वाद और खुसबू कैशीआ से थोड़ा अलग होता है। इसे सीलोन नाम से भी जाना जाता हैं। सीलोन का उपयोग कुछ खास दवाओं में किया जाता है। यह सिनमन से थोड़ा महंगा होता हैं।
दालचीनी खाने के औषधीय गुण
दालचीनी में अधिक मात्रा में यौगिक होती है जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। दालचीनी मेटाबोलिज्म को अच्छा करने में मदद करते हैं। इसलिए दालचीनी को दवाई के रूप में भी इस्तेमाल किए जा सकता हैं।
दालचीनी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
दालचीनी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता हैं। डाइट एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होनी चाहिए और दालचीनी खाने के फायदे एंटीऑक्सीडेंट अपने साथ लेकर आते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक दालचीनी में 26 मसालों की बराबर एंटीऑक्सीडेंट मात्रा पाया जाता हैं, जो लहसुन और ओरिगेनो जैसे मसालों को पीछे छोड़ दिया है।
दालचीनी शरीर को इंफेक्शन से बचाव करने में भी मदद करता हैं, दालचीनी में पाया जाने वाला पौस्टिक तत्व सभी तरह के वायरस से बचाव करने में हमारी मदद करता है। दालचीनी एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भी भरपूर होता हैं जो दांतों की सड़न, सांस में बदबू से भी बचाब करता हैं। दालचीनी का इस्तेमाल कुछ हद तक कैंसर से भी बचाव करता हैं।
दालचीनी में पोषक तत्व की मात्रा
दालचीनी में कई सरे पौष्टिक तत्व हैं जिनके बारे में जानकारी होना बेहद जरुरी है। दालचीनी का सेवन से कितने पौष्टिक तत्व मिलता हैं इसकी जानकारी इस टेबल के माध्यम से जान सकते हैं।
दालचीनी के फायदे सौंदर्य बढ़ाने में -बाल और त्वचा के सौंदर्य निखार ने में दालचीनी के फायदे हैं। यह त्वचा को निखारने में और चेहरे पे झुर्रियों को कम करने में भी मदत करता हैं। दालचीनी के चूर्ण (सिनेमन पाउडर) को नीबू के रस के मिलाकर चेहरे पे लगाने से ब्लैकहैड्स दूर हो जाते हैं। दो चम्मच दालचीनी पाउडर में थोड़ा सा नीबू के रस, एक चम्मच ओलिव आयल, आधा कप दूध, दो चम्मच चीनी मिलाकर पांच मिनट के लिए शरीर पर अच्छी तरह से मसाज करे और आधे घंटे बाद ठन्डे पानी से नहा लें आपकी त्वचा खिल उठेगी।
शहद और दालचीनी के फायदे
दालचीनी के पेस्ट को सहद के साथ मिलकर रात को सोने से पहले चेहरे पर लगाएं और सुबह धो लें, इससे चेहरे की स्किन खिली खिली सा रहता हैं। जिन लोगो को बाल झड़ने के समस्या हैं उनके लिए एक चम्मच दालचीनी चूर्ण में, जैतून के तेल और एक चम्मच शहद को मिलाकर पेस्ट बना ले और इसे अपने सर पर लगाए और कुछ देर बाद सर धो ले इससे बालों का झरना बहुत हद तक कम हो जायेगा।
दालचीनी के फायदे पेट के रोगो में –
गैस की समस्या, पेट में मरोड़, एसिडिटी जैसी समस्यों में भी दालचीनी का पाउडर लेने से बहुत फायदेमंद होता हैं। और इससे पाचन शक्ति भी मजबूत होता हैं। दालचीनी और शहद का मिश्रण लेने से पेट का अल्सर जड़ से ठीक हो जाता है।
दालचीनी के फायदे सर्दी-खांसी में –
जुखाम-सर्दी, खांसी और गले की तकलीफों में दालचीनी एक रामबाण इलाज साबित हो सकता हैं। दालचीनी को इसका चूर्ण बना ले और एक चम्मच शहद के साथ खाने से जुकाम से छुटकारा मिलता है। आप गुनगुने पानी में भी दालचीनी चूर्ण शहद के साथ मिलाकर पी सकते हैं इससे काफी फ़ायदा मिलता हैं। पुराने से पुराने बलगम को निकालने में भी दालचीनी फायदेमंद हैं, इसके लिए आप दालचीनी को पीसकर इसका चूर्ण बना ले और इसे पिसी हुई काली मिर्च के साथ सेवन करे इससे पुराने कफ में भी राहत मिलेगी।
दालचीनी के फायदे जोड़ों के दर्द में
जोड़ो के दर्द होने पर दालचीनी का प्रयोग आपको बहुत राहत पौछा सकता हैं। इसके लिए रोज दालचीनी का चूर्ण गर्म या गुनगुने पानी में मिलकर पिए, इसके अलावा इस गर्म पानी को दर्द बाली जगह पर अच्छी तरह से मालिश करने पर जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता हैं।
लगातार एक महीने तक इस दालचीनी के घरेलू उपाय को आजमाने से जोड़ो के दर्द से परेशान लोग भी चलने फिरने में सक्षम हो जाते हैं। आर्थाइटिस के दर्द में भी दालचीनी काफी फायदेमंद है।
दालचीनी के फायदे कैंसर से बचाब में –
दालचीनी सिर्फ एक मसाला ही नहीं यह कैंसर जैसे रोग नियंत्रण करने में भी सक्षम है। शोधकर्ताओंने अमाशय के कैंसर और हड्डी के बढ़ जाने की स्थिति में दालचीनी और शहद का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद बताया है। यह न सिर्फ कैंसर जैसी बीमारियों रोकता हैं बल्कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।
दालचीनी के फायदे मोटापा कम करने में
मोटापे कम करने में भी दालचीनी एक रामबाण उपाय हो सकता है। यह खून में मौजूद बाड कोलेस्ट्रॉल को कम करती है, जिससे मोटापा बढनेकी सम्भाबना कम हो जाता हैं। इसके लिए दालचीनी का चाय भी बनाकर पी सकते हैं जो बहुत फायदेमंद है।
इस पद्धति को आजमाने के लिए एक छोटी चम्मच दालचीनी के पाउडर एक गिलास पानी में उबालकर आंच से उतार लें। सुबह नास्ता से आधा घंटा पहले उसमें दो बड़े चम्मच शहद मिलाकर पिएं। रात को सोने से पहले भी इसका सेवन कर सकते हैं इससे दुगना फ़ायदा मिलेगा है, और शरीर में मौजूद अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे कम होने लगता हैं।
दालचीनी के फायदे हृदय रोगी के लिए-
आपके हृदय को हमेशा स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी दालचीनी बहुत सहायक होती है, यह हृदय की रक्त धमनियों में चर्बी याह बाड कोलेस्ट्रॉल को जमने से रोकता हैं। तो हृदय सम्बन्धी स्वस्थ के लिए हर रोज दालचीनी और सहद गुनगुने पानी के साथ सेवन करें।
दालचीनी के फायदे सिर दर्द में-
सर्दी जुखाम के कारण होने वाले सिरदर्द में दालचीनी पेस्ट का लेप लगाने से सिरदर्द कम हो जाता हैं, और तो और गर्मियों के तेज धुप के कारन होने वाले सिरदर्द में भी दालचीनी बहुत फायदेमंद हैं, इसके लिए चावल के पानी में तेजपत्ता और दलचीनी को मिश्री के साथ पीसकर सूंघने से सिरदर्द कम हो जाता है। इसके अलावा तिल के तेल और दालचीनी के तेल मिलकर इसके कुछ बूंदें सिर पर मालिश करने से भी सिरदर्द ठीक हो जाता हैं।
दालचीनी तेल का फ़ायदा-
अस्थमा और लकवा रोगी के लिए इसका तेल लगाने से बेहद फ़ायदा होता है। दालचीनी के तेल की कुछ बूंदें कान में डालने से काफी फ़ायदा मिलता हैं। दालचीनी तेल का इस्तेमाल सूजन कम करने में, घाब और बदन में दर्द को ख़तम करने के लिए किया जाता है। यह खुजली की समस्या को भी मिटानेके साथ साथ दांतों के दर्द से राहत देता है। पायरिया यानि मुंह के दुर्गन्ध दूर करने में यह बहुत सहायक हैं।



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