दशकों का इंतज़ार, सड़कों पर उमड़ा जनसैलाबः बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग ने पकड़ी आग

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समाचार सच, लालकुआ/हल्द्वानी। वर्षों से अधूरी उम्मीदों का दर्द अब सड़कों पर उतर आया है। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर हजारों लोग एकजुट हुए और विशाल जनआंदोलन का स्वरूप सामने आया। बुधवार 18 फरवरी को करीब 12 हजार लोगों ने प्रदर्शन कर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

हजारों क्षेत्रवासी जुलूस के रूप में लालकुआं तहसील पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघर्ष कर रहे लोगों का कहना है कि वर्षों से आश्वासन मिलते रहे, लेकिन ठोस फैसला अब तक नहीं हुआ। इस बार उन्होंने साफ चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन और उग्र होगा।

जनसभा जड़ सेक्टर स्थित जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित की गई, जहां लोगों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शीघ्र अधिसूचना जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि उनके अधिकार और अस्तित्व का सवाल है।

आंदोलन को कई वरिष्ठ नेताओं का भी समर्थन मिला। सभा में हरीश रावत, यशपाल आर्य और गोविंद सिंह कुंजवाल मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को अब और टाला नहीं जाना चाहिए।

जनसभा के बाद हजारों लोग शहीद स्मारक से मुख्य चौराहे होते हुए तहसील तक कूच करते रहे। मार्गों पर उमड़ी भीड़ ने इस आंदोलन को ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी अर्जुन गोस्वामी ने चेतावनी दी कि दो माह में निर्णय न हुआ तो जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव और मुख्यमंत्री आवास तक कूच किया जाएगा।

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बिंदुखत्ता की यह मांग नई नहीं है। वर्ष 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने इसे राजस्व ग्राम बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद 2011 में रमेश पोखरियाल निशंक ने भी यही आश्वासन दिया। हाल ही में 20 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा की, लेकिन अब तक अमल नहीं हो सका।

करीब एक लाख की आबादी वाले क्षेत्र के लोग कहते हैं कि 1966 में वन विभाग द्वारा बिना बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी किए क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित कर दिया गया, जिसके कारण आज तक लोगों को वैध राजस्व अधिकार नहीं मिल पाए। अधूरी बंदोबस्ती और अधूरे वादों के बीच अब बिंदुखत्ता की जनता ने साफ कर दिया हैकृजब तक राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिलेगा, संघर्ष थमेगा नहीं।

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