समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। फाल्गुन माह हिंदू कैलेंडर का 12वां यानी अंतिम महीना है। फाल्गुन माह में विश्व प्रसिद्ध होली का त्योहार और भगवान शिव की पूजा का सबसे उत्तम दिन महाशिवरात्रि आती है। फाल्गुन माह से ही गर्मी का आगमन भी हो जाता है। माघ पूर्णिमा के बाद से ही फाल्गुन माह का प्रारंभ होता है। काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, फाल्गुन माह का शुभारंभ सुकर्मा योग में हो रहा है, जो एक शुभ योग माना जाता है। फाल्गुन मास के पहले दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है. फाल्गुन माह की पहली तिथि कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि होती है। आइए जानते हैं कि इस साल फाल्गुन माह कब से शुरू है? फाल्गुन में क्या करना चाहिए? फाल्गुन महीने में क्या न करें?
कब से शुरू होगा फाल्गुन माह 2024?
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का शुभारंभ 24 फरवरी दिन शनिवार को शाम 05.59 बजे से हो रहा है और यह तिथि 25 फरवरी दिन रविवार को रात 08.35 बजे खत्म हो जाएगी। तिथि की गणना सूर्याेदय के समय से होती है। ऐसे में 25 फरवरी को सूर्याेदय 06.51 बजे होगा, उस समय प्रतिपदा तिथि होगी। इस आधार पर फाल्गुन माह का शुभारंभ 25 फरवरी से होगा।
सुकर्मा योग-पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में फाल्गुन की शुरूआत
फाल्गुन माह का प्रारंभ सुकर्मा योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में होगा। 25 फरवरी के दिन सुकर्मा योग प्रातरूकाल से लेकर दोपहर 02 बजकर 29 मिनट तक है. उसके बाद से धृति योग है। वहीं पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र सुबह से लेकर देर रात 01 बजकर 24 मिनट तक है शुभ कार्यों को करने के लिए सुकर्मा योग अच्छा माना जाता है।
होलिका दहन के बाद खत्म होगा फाल्गुन 2024
फाल्गुन माह का समापन होलिका दहन के बाद होता है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा इस महीने की अंतिम तिथि होती है। फाल्गुन पूर्णिमा को भद्रा रहित मुहूर्त में होलिका दहन होता है। इस साल फाल्गुन माह का समापन 25 मार्च दिन सोमवार को होगा।
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 24 मार्च को सुबह 09.54 बजे से प्रारंभ होगा और इसका समापन 25 मार्च को दोपहर 12.29 बजे होगा। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन वृद्धि योग और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है। इस साल होलिका दहन 24 मार्च को है।
फाल्गुन माह में क्या करें
- फाल्गुन माह भगवान श्रीकृष्ण, देवों के देव महादेव और चंद्रमा की पूजा करनी चाहिए।
- महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा करें. इससे चंद्र दोष दूर होगा और जीवन के सभी कष्टों से भी मुक्ति मिलेगी।
- जिन लोगों को वंश वृद्धि के लिए संतान की कामना है, वे फाल्गुन माह में भगवान श्रीकृष्ण की विधिपूर्वक पूजा करें।
- फाल्गुन माह में आपको भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार की पूजा करनी चाहिए।
- फाल्गुन महीने में घी, सरसों के तेल, वस्त्र, अनाज आदि का दान करने से पुण्य मिलता है।
फाल्गुन माह में क्या न करें
- फाल्गुन महीने में आठ दिन तक होलाष्टक होता है, उस समय में आपको गलती से भी कोई शुभ कार्य नहीं करना है. होलाष्टक को अशुभ माना जाता है।
- फाल्गुन में मांस, मदिरा, मसालेदार भोजन, अत्यधिक घी और तेल आदि का सेवन नहीं करते हैं। अनाज का सेवन कम करते हैं. बदलते मौसम में स्वास्थ्य की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

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