बिन्दुखत्ता दुष्कर्म मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने में अपनाया ढीला-ढाला रवैया

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-ऐपवा व भाकपा ने जुलूस व लालकुआं थाने का घेराव कर किया गुस्से का इज़हार

समाचार सच, हल्द्वानी (लालकुआं)। बिन्दुखत्ता की युवती के साथ हुए दुष्कर्म के आरोपी की 12 दिन बाद भी गिरफ्तारी नही होने से आक्रोशित लोगों ने रविवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन व भाकपा (माले) के बैनर तले जुलूस निकाला और लालकुआं थाने का घेराव किया

इस मौके पर शहीद स्मारक पर हुई सभा में संबोधित करते हुए ऐपवा संयोजिका विमला रौथाण कहा कहना था कि 27 नवंबर को हुई दुष्कर्म की घटना और 30 दिसंबर को दर्ज एफआईआर के बावजूद पुलिस ने 11 दिन में भी आरोपी को गिरफ्तार नही किया। लेकिन जब भाकपा(माले) ने थाने का घेराव करने की सूचना दी तो पुलिस ने एक घंटे बाद ही आरोपी के आत्मसमर्पण की जानकारी फोन दी गई। लेकिन आधिकारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की ना ही पीड़िता के परिजनों को जानकारी दी। इससे साफ जाहिर है कि कही न कहीं ढीला-ढाला रवैया पुलिस ने अपनाया है। जब पूरे देश में दुष्कर्म के मामलों में न्याय की मांग हो रही है तब पुलिसस का ऐसा व्यवहार चिंताजनक है।

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भाकपा(माले) के जिला सचिव कॉमरेड कैलाश पांडेय ने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध में पुलिस के ढीले ढाले रवैये के ही परिणाम है कि दुष्कर्म के मामलों में मात्र 24 प्रतिशत मामलों में ही अपराधी को सजा मिल पा रही है, बाकी 76ः प्रतिशत अपने राजनीतिक-धनबल के प्रभाव से बच निकल रहे है।

पीड़ित परिजनों ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन का व्यवहार असंवेदनशील व गैर जिम्मेदाराना है। पुलिस एक बार भी पीड़ित की हालत जानने के लिए नही आई जबकि पीड़ित को काउंसलिंग व चिकित्सकीय सुविधा की जरूरत है जो कि प्रशासन की जिम्मेदारी है। आरोपी ने जान से मारने व बदनाम करने की धमकी दी है इसके बावजूद न तो पुलिस प्रशासन ने कोई सुरक्षा उपलब्ध कराई।

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लालकुआं थाना में घेराव के दौरान सी ओ ने जानकारी दी कि आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोपी के आत्मसमर्पण का लिखित सबूत दिये जाने, अपराधी द्वारा ब्लैकमेलिंग करके दुष्कर्म के मामले को संज्ञान में लिये जाने, ब्लैकमेलिंग का मामला भी दर्ज किय जाने, पीड़िता के स्वास्थ्य की उचित चिकित्सकीय व्यवस्था किये जाने, घटनास्थल लालकुआं होटल की भूमिका की जांच कराये जाने, निर्भया फण्ड से पीड़िता को सहायता दिलाये जाने की मांग भी की।

घेराव करने वालों में बसंती बिष्ट, भाकपा (माले) नेता आनंद सिंह नेगी, मंजू, कुसुम पन्त, रेणु, हरीश रावत, किशन बघरी, स्वरूप दानू, रंजीत सिंह मेहरा, नीमा जोशी, लीला देवी, जानकी, दीपा, चंपा, कमला देवी, नरूली देवी, हेमा देवी, कमल जोशी, हरीश भंडारी, ललित मटियाली, हीरा सिंह नेगी, हरुली देवी, कृपाल दानू, त्रिलोक राम, धीरज कुमार, दीपक ऐरी, त्रिलोक दानू, गोपाल अधिकारी सहित भारी संख्या में महिलाएं शामिल थी।

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