समाचार सच, देहरादून। मसूरी के सुनील हत्याकांड (Sunil murder case of Mussoorie) मामले आगामी 12 दिसम्बर को 12 संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इस मामले में एसटीएफ को आशंका है कि इन संदिग्धों में से ही कोई सुनील का हत्यारोपी हो सकता है। इसके लिए न्यायालय के आदेश पर केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) चंडीगढ़ ने तिथि नियत की है। इधर, हत्याकांड के खुलासे की मांग के लिए सुनील के परिजनों ने एसएसपी एसटीएफ से भी मुलाकात की थी। गौरतलब है कि गत 22 फरवरी को मसूरी में चकराता क्षेत्र के युवक सुनील की हत्या कर दी गई थी। उसका शव जंगल से बरामद हुआ था। सुनील के गले पर धारदार हथियार का निशान था।
मसूरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों से पूछताछ भी की थी लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। सुनील के परिजनों ने पुलिस के विभिन्न दफ्तरों में पहुंचकर हत्याकांड के खुलासे की मांग की। इधर मृतक के पिता का आरोप है कि बीते 10 महीने से पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पा रही है. बीते 5 महीने से केस एसटीएफ को ट्रांसफर हुआ है, इसके बावजूद न तो हत्या से रहस्य उठा है और न ही किसी आरोपी पर कोई प्रभावी कार्रवाई हुई है। पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय ने इस हत्याकांड की जांच एसटीएफ से कराने के निर्देश दिए थे।
सितंबर माह में एसटीएफ ने कुल 12 संदिग्धों के पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए न्यायालय में अर्जी दी थी। न्यायालय ने संदिग्धों की हामी भरने के बाद इसमें पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति दे दी थी। इसके लिए सीएफएसएल को पत्र भेजा गया था। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि सीएफएसएल से पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति मिल गई है। टेस्ट 12 दिसंबर को किया जाएगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सुनील के परिजनों ने भी मुलाकात की है। उन्होंने कुछ संदिग्धों के नाम बताए हैं। उन पर भी काम चल रहा है। जल्द ही इस मामले में किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।



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