समाचार सच, हल्द्वानी। खनन रॉयल्टी और गाड़ियों का फिटनेस निजी हाथों में देने के निर्णय से खनन कारोबारी में रोष व्याप्त है। सोमवार को आक्रोशित खनन कारोबारियों (mining traders) ने गौला खनन मजदूर उत्थान समिति के बैनर तले महानगर की सड़कों में अर्धनग्न प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक जुलुस भी निकाला और एसडीएम के माध्यम से राज्य सरकार को अपनी मांगों का ज्ञापन भी प्रेषित किया।
इस मौके पर खनन कारोबारियों का कहना था कि तीन महीने बाद भी गौला नदी पर खनन का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऊपर से सरकार ने अब गौला नदी से निकलने वाले खनन रॉयल्टी को निजी हाथों में दे दिया है। इससे उनके कारोबार पर संकट खड़ा हो गया है। खनन कारोबारियों का कहना है कि पूर्व में सरकारी एजेंसी के माध्यम से नदियों से खनन कार्य होता रहा है। लेकिन सरकार ने अब खनन रॉयल्टी को निजी हाथों में दे दिया है। इसके अलावा वाहनों का फिटनेस भी निजी हाथों में दे दिया गया है। जिस कारण अब वाहन स्वामी के ऊपर रोजी-रोटी का संकट आन पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चताते हुए कहा है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इधर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने खनन कारोबारियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा है कि सरकार नई-नई खनन नीति लाकर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। खनन के नाम पर पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। जिसका कांग्रेस कड़े शब्दों में विरोध करती है। खनन निजीकरण को लेकर कांग्रेस खनन कारोबारियों के साथ खड़ी है।
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