प्रान्तीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के हल्द्वानी महानगर चुनाव में फैला रायता, कई प्रत्याशियों ने किया चुनाव का बहिष्कार

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समाचार सच, हल्द्वानी। प्रान्तीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के हल्द्वानी महानगर चुनाव का शनिवार को नामाकंन पत्रों की जांच व नाम वापसी का दिन था लेकिन चुनाव की उक्त प्रक्रिया पूर्ण होने से पूर्व ही इस चुनाव में पूरा रायता फैल गया। कई प्रत्याशियों ने चुनाव कार्यप्रणाली पर आरोप लगाते हुए इस चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। उन्होंने चुनाव समिति पर आरोप लगाते हुए कहा कि महानगर में चुनाव वर्ष 2021 में कराये जा रहे जबकि निर्वतमान पदाधिकारियों नगर में सदस्यता बनने वाले व्यापारियों को एक प्रमाण पत्र दिया है उसमें वर्ष 2021-2022 अंकित है। इसी मामले को पूर्व में मुख्य चुनाव अधिकारी के भी संज्ञान में डाला था जिस पर चुनाव समिति द्वारा कार्यवाही करने आश्वासन दिया था। लेकिन नामाकंन पत्रों की जांच व नाम वापसी के दिन तक इस मामले में कोई कार्यवाही ना होती देख अध्यक्ष पद के एक दावेदार ने अपने समर्थकों के साथ चुनाव कार्यालय में जम कर हंगामा कटाते इस चुनाव का बहिष्कार कर दिया।

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आपकों बता दें कि चुनाव की घोषणा होते ही चुनाव में भागीदारी करने वाले प्रत्याशियों के द्वारा निर्वतमान पदाधिकारियों द्वारा नगर में बनाये व्यापारी सदस्यों को दिये गये प्रमाण पत्र विवाद का कारण बने। क्योंकि निर्वतमान पदाधिकारियों द्वारा प्रमाण पत्रों पर वर्ष 2021 -2022 अंकित किया गया था। प्रत्याशियों का कहना था कि जब चुनाव 2021 में हो रहे हैं तो निर्वतमान पदाधिकारियों द्वारा किस आधार पर प्रमाण पत्रों में 2021-22 अंकित किया गया है। इस बारे में कार्यवाही ना होते देख प्रत्याशियों ने चुनाव कार्यालय में हंगामा काटते हुए इस चुनाव का बहिष्कार कर दिया।

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प्रदेश संगठन मंत्री रूपेन्द्र नागर का इस मामले में कहना था कि चुनाव की घोषणा के बाद ही चुनाव समिति को प्रमाण पत्र को लेकर अवगत कराया था कि उनके द्वारा प्रमाण पत्रों में 2021-22 अंकित है। जिसका हम विरोध करते हैं। चुनाव समिति ने यह आश्वासन भी दिया कि बांटे गये सभी प्रमाण पत्र चुनाव तिथि से पूर्व ही मंगवा लिये जायेंगे। लेकिन आज नामांकन वापसी के बाद भी कोई कार्यवाही ना होने पर अध्यक्ष सूरज लांबा, महामंत्री राजू गुप्ता तथा कोषाध्यक्ष पद त्रिलोक सिंह ने चुनाव में भागीदारी ना करने की घोषणा करते हुए चुनाव कार्यालय के रजिस्टर में शिकायत दर्ज करते हुए इस चुनाव का बहिष्कार कर दिया।

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इधर इस बारे में पूछने पर प्रदेश अध्यक्ष नवीन चन्द्र वर्मा ने बताया कि निवर्तमान कमेटी को प्रमाण पत्र देने का अधिकार है लेकिन उनके संज्ञान में आया है कि जो प्रमाण पत्र व्यापारियों को बांटे गये है वह त्रुटिपूर्ण हैं जिन्हें सही करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी चुनाव सम्पन्न हुए है। जिसमें नाम वापसी एक सतत प्रक्रिया है, उन्होंने बताया कि यह चुनाव निर्धारित तय समय सीमा पर सम्पन्न होंगे। उधर इस मामले में मुख्य चुनाव अधिकारी हरीश पांडे से हमारं संवाददाता ने कई बार दूरभाष पर सम्पर्क साधने का प्रयास किया लेकिन उनका फोन उठा।

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